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बर्खास्त जवान ने कबूलीं लूट की 13 वारदातें

Fri, 17 Oct 2014 05:34 AM IST
Bareilly
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बरेली। सेना के बर्खास्त जवान धर्मेंद्र यादव ने पुलिस की पूछताछ में बड़ा बाईपास पर करनाल के कैंटर ड्राइवर को गोली मारकर 22 हजार लूट की वारदात के अलावा लूटपाट की 12 और वारदातों में हाथ होना कबूल कर लिया। इज्जतनगर पुलिस ने बताया कि धर्मेंद्र यादव का गैंग हाईवे पर कीले गाड़कर वाहनों में लूटपाट करता था। बर्खास्त जवान से पुलिस ने छह हजार रुपये कैश, तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। गैंग के दूसरे बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस की दो टीमें बना दी गई हैं।
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सोमवार रात करनाल से फैजाबाद जा रहे कैंटर को बड़ा बाईपास पर पिछले पहिये में गोली मारकर रोका गया था। कैंटर के ड्राइवर विजय उतरकर टायर चेक करने लगा तो छह-सात बदमाशों ने उसे दबोचकर खेत में ले गए। बदमाशों ने विजय से 22 हजार रुपये, सोने की चेन और अंगूठी लूटने के बाद उसके सीने में गोली मार दी और फरार हो गए थे। इज्जतनगर पुलिस ने शक के आधार पर बुधवार को फरीदपुर के गांव नवादा बिलसंडी निवासी सेना के बर्खास्त जवान धर्मेंद्र यादव को हिरासत में लिया था। उससे कड़ी पूछताछ की गई तो उसने बड़ा बाईपास समेत 13 लूट की वारदातें कबूल कर लीं।
इंस्पेक्टर इज्जतनगर मुहम्मद कासिम ने बताया कि धर्मेंद्र के मुताबिक उसके गैंग में शिवदत्त गंठा, सूरज, कल्लू और मोरपाल आदि लोग हैं। इस गैंग के साथ उसने नवाबगंज, समरेर रोड दातागंज, जहानाबाद (पीलीभीत) में लूट के अलावा पीलीभीत बाईपास पर बजरंग ढाबे के पास ट्रैक्टर लूट समेत 13 वारदातें करना कबूल किया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि धर्मेंद्र के से 22 हजार रुपये और घटना में प्रयुक्त तमंचा व एक कारतूस भी बरामद किया गया है। गैंग के अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है।
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दिन में सुरक्षा, रात में लूटपाट
वर्ष 2013 में छुट्टी पर आए सेना के सिपाही धर्मेंद्र यादव का गांव में कुछ लोगों से झगड़ा हो गया था। जानलेवा हमले के आरोप में वह जेल चला गया। लंबे समय तक बिना सूचना गैरहाजिर रहने के कारण उसे बर्खास्त कर दिया गया। जेल से छूटने के बाद धर्मेंद्र ने गांव छोड़ दिया और शहर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी हासिल कर ली। सनसिटी में दिन में सिक्योरिटी ड्यूटी पर रहता था और रात में गैंग के साथ लूटपाट करता था। सिक्योरिटी गार्ड की मामूली नौकरी करने के बावजूद धर्मेंद्र यादव शहर में ही आशुतोष सिटी जैसी महंगी कॉलोनी में किराये का मकान लेकर रह रहा था।
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