बरेली। शहर में जलभराव होने के साथ ही अधूरे निर्माण लोगों के लिए मुसीबत बनने लगे हैं। इसके चलते नगर निगम में शिकायतें बढ़ गई हैं। बुधवार को ऐसे ही तीन मामलों की शिकायत लेकर लोग नगर निगम पहुंचे। वहीं, पार्षद भी जलभराव की समस्या और निगम की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर अपनी शिकायतें लेकर मेयर उमेश गौतम के पास पहुंच रहे हैं।
पक्की सड़क न होने से भरा है पानी, बीमारियों का डर
चक महमूद के लोग बुधवार को जलभराव की शिकायत लेकर नगर निगम पहुंचे। लोगों ने बताया कि यामीन की भूसे की टाल के पास सड़क कच्ची है, पीछे का कुछ हिस्सा बना हुआ है। इसके चलते यहां जलभराव हो गया और लोगों का निकलना मुश्किल है। अगर जल्दी ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यहां बीमारियां फैलने लगेंगी। शिकायत करने वालों में मुशर्रफ अली अंसारी, अनीसुद्दीन, फहीम, नासिर आदि शामिल रहे।
अधूरी सड़क से हो गई मुसीबत
छोटी विहार वार्ड के अंतर्गत रामकुटी से बच्चू सिंह के मकान तक साल भर पहले सीसी टाइल्स की सड़क स्वीकृत हुई थी। यहां मिट्टी डालकर छोड़ दी गई है। बरसात की वजह से यहां दलदल हो रहा है और लोगों को आवागमन में दिक्कत है। बुधवार को यहां के विशाल कंचन समेत कई लोगों ने नगर निगम में शिकायत की।
आगे की सड़क बनाई, पीछे की छोड़ दी
मढ़ीनाथ पुलिस चौकी के पीछे टॉवर वाली गली में रहने वाले लोग भी निगम पहुंचे। बताया कि उनकी गली का अगला हिस्सा ऊंचा करके बनाया है और पीछे का हिस्सा छोड़ दिया है। इसके कारण गली में जलभराव हो गया है। ठेकेदार से उन लोगों ने पूरी गली बनाने को कहा तो उसने वर्कऑर्डर न होने की बात कही। शिकायत करने वालों में धर्मपाल गुप्ता, मनोज कुमार, दिनेश आदि मौजूद रहे।
मेयर ने लिखा पत्र- बिना सत्यापन न हो नाला सफाई का भुगतान
बरेली। मेयर उमेश गौतम ने बुधवार को नगर आयुक्त को दो पत्र लिखे। पहला पत्र पार्षद अकील गुड्डू की शिकायत पर लिखा। इसमें उन्होंने कहा है कि पार्षद ने नाले की तलीझाड़ सफाई न होने की शिकायत की है। कहा है कि ठेकेदार और सफाई निरीक्षक नाला सफाई का पत्र मांग रहे हैं। उन्होंने नगर आयुक्त से मामले की जांच के बाद ही भुगतान करने को कहा। इसके अलावा पार्षद सतीश कातिब की शिकायत पर इंदिरापुरम वार्ड में नालियों की सफाई के लिए पत्र लिखा।
रामगंगानगर कॉलोनी की देखरेख भूला निगम
बरेली। रामगंगानगर आवासीय कॉलोनी की बदहाली को लेकर भी नगर निगम में शिकायत की गई है। चंदपुर बिचपुरी की प्रधान प्रियंका ने बीडीए और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि यह कॉलोनी नगर निगम को हैंडओवर हो चुकी है। पहले यहां नगर निगम सफाई भी कराता था, मगर अब सब चौपट पड़ा है।
उन्होंने कहा है कि वर्ष 2010 में बीडीए ने यह कॉलोनी नगर निगम को हस्तांतरित की थी। उस समय नगर निगम ने यहां सफाई कर्मचारी भी लगाए थे। मगर कुछ समय पहले उन्हें हटा लिया गया है। अन्य सुविधाओं की ओर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते यहां पानी की पाइप लाइन लीक हो रही हैं, स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं। नाला सफाई न होने से गलियां गंदगी से चोक हो गई हैं और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं।