‘रिजल्ट जैसा भी आए खुशी से स्वीकार करें अभिभावक’
यूपी बोर्ड के रिजल्ट को लेकर मनोवैज्ञानिक बोले- उम्मीद के मुताबिक रिजल्ट न होने पर न कसे तंज
बच्चों को फटकारने के बजाय आगे बढ़ने की दें प्रेरणा, कमियों को दूर करने की दें सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का रिजल्ट शनिवार को घोषित होगा। विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों को भी रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है। पूरे साल की मेहनत के बाद खराब रिजल्ट आने पर अभिभावकों की फटकार बच्चों को अवसाद के अंधेरे में धकेल देती है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि अगर उम्मीद के मुताबिक बच्चे का रिजल्ट नहीं आया तो उसे फटकारने या गुस्सा दिखाने के बजाए उसे स्वीकार करें। कमियां गिनाने के बजाए बच्चे की काबलियत को परखें और भविष्य में बेहतर करने के लिए प्रेरित करें। अगर रिजल्ट के बाद बच्चे में चिड़चिड़ापन, जल्दी गुस्सा आ रहा है, गुमसुम रह रहा है तो मनोचिकित्सक से सलाह जरूर लें।
पूरे साल की मेहनत के बाद भी रिजल्ट अपेक्षाकृत न आने पर अभिभावकों की डांट को बच्चा सजा के तौर पर लेता है और खुद को गुनहगार मान लेते हैं। इससे वे अवसादग्रस्त भी हो जाते हैं। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. आशीष कहते हैं अभिभावक बच्चों को समझाएं, उसे यह यकीन दिलाएं कि वह उसके साथ हैं। हो सके थे रिजल्ट की बात ज्यादा न करें। मनोवैज्ञानिक डॉ. हेमा खन्ना के अनुसार अपेक्षाओं के अनुसार रिजल्ट न आने पर बच्चे अक्सर गलत कदम उठा लेते हैं। अभिभावक खराब रिजल्ट पर भी बच्चे की हौसलाफजाई करें। उसे यकीन दिलाएं कि अगले साल वह और बेहतर करने का प्रयास करें। अपने सपनों से बच्चे की काबलियत न आंकेे। जो वह बेहतर कर सकता है उसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने सलाह दी कि अगर रिजल्ट अच्छा नहीं आया तो बच्चे पर तंज न कसें, उसे अकेला न छोड़े, जहां कमी रह गई उसे दूर करने पर फोकस करें।
जिला अस्पताल ने शुरू की मेंटल हेल्पलाइन
जिला अस्पताल ने मेंटल हेल्पलाइन भी शुरू की है। अगर आपका बच्चा रिजल्ट खराब आने पर अवसाद से ग्रस्त होता है तो आप हेल्पलाइन के नंबर 8445900891 पर बात कर सकते हैं। हेल्पलाइन प्रभारी डॉ. खुश अदा ने बताया कि अवसाद से जुड़ी हर जानकारी इस हेल्पलाइन पर दी जाएगी। रिजल्ट आने के बाद अगर बच्चे कि व्यवहार में कोई परिवर्तन आता है तो एक बार इस नंबर पर बात जरूर कर लें।