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चलने-फिरने में मोहताज मगर प्रशासन लगवा रहा ‘दौड़’

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बरेली। ‘साहब! हम चलने फिरने में मोहताज हैं। किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं। लाठी और व्हील चेयर ही अब हमारा सहारा है, लेकिन ब्लाक वाले अफसरों को हम पर दया नहीं आ रही। छोटे-छोटे काम के लिए हमे जिला मुख्यालय के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। हमारी पेंशन दिलवा दो साहब...’ ये दर्द है शारीरिक रूप से अक्षम उन लोगों का जो मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान सदर तहसील में भी चल-फिर पाने में अक्षम होने के बावजूद दिव्यांग छोटे-मोटे कामों के लिए भी पहुंचे। ब्लाक स्टाफ के यूं दौड़ाने पर एसडीएम सिटी महेंद्र कुमार ने इसे लेकर नाराजगी भी जाहिर की।
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मीरगंज के अभूपुरा उर्फ जोखनपुर के रहने वाले विपिन चंद्र ने बताया कि उन्हें पेंशन के लिए आधार कार्ड देना है। उनकी बहन भी दिव्यांग है। ब्लॉक जाओ या विकास भवन, कहीं कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है। जबकि गांव से यहां आने में उसका काफी पैसा खर्च हो जाता है, जबकि उसकी कमाई का कोई बड़ा जरिया भी नहीं है। इसी तरह मीरगंज के ही ग्राम सहोड़ा से आए मुख्त्यार अहमद के भी दोनों पैर खराब है। किसी तरह लाठी के सहारे वह बमुश्किल चल पाते हैं। तहसील दिवस मेें भी वह दिव्यांग पेंशन की दिक्कत को लेकर यहां पहुंचे थे। इसके अलावा सुखा छावनी निवासी सुनील कुमार व अनिल कुमार आदि ने आरोप लगाया कि राजस्व निरीक्षण उत्तराधिकारी रिपोर्ट लगाने में लगाने में लगातार देरी कर रहे हैं। करीब सालभर का वक्त ऐसे ही कट गया है। तहसील दिवस में एडीएम सिटी महेंद्र कुमार, एसडीएम सदर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

संपूर्ण समाधान में आईं 149 शिकायतें
तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, विकास सहित दूसरे विभागों को मिलाकर 78 शिकायतें प्राप्त हुईं। इसमें 13 शिकायतों को निस्तारण कर दिया गया। सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व से संबंधित 76 रहीं।
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