बरेली। स्वाइन फ्लू के बढ़ते खौफ के बीच मौसम की करवट राहत लेकर आ रही है। डॉक्टरों ने ठंड बढ़ने से सक्रिय हुए स्वाइन फ्लू के वायरस अब बढ़ते तापमान में निष्क्रिय होने की बात कही है। हालांकि अभी प्रतिदिन दो या तीन सेल्फ सस्पेक्ट केस जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। 27 डिग्री सेल्सियस के ऊपर तापमान पहुंचने से इस वायरस के कमजोर पड़ने के आसार हैं।
पिछले दिनों अलग-अलग जगहों पर हुई बारिश ने इस बीमारी को तेजी से फैलने में मदद दी। सामान्य फ्लू व वायरल की तरह ही स्वाइन फ्लू का वायरस भी नमी और ठंडे माहौल में सक्रिय हुआ। विशेषज्ञों के मुताबिक एच1एन1 वायरस के एकाएक गंभीर होने की बड़ी वजह मौसम रहा है। कुछ दिनों पहले रुक-रुक कर होने वाली बारिश और ठंड के बरकरार रहने से यह मौसम स्वाइन फ्लू के फैलने में मददगार बना। जिससे जानलेवा स्वाइन फ्लू के मरीजों की कतार लगा दी। जनवरी से अब तक जिले में स्वाइन फ्लू के करीब 59 संदिग्ध मरीज मिले, जिनके सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए, जिसमें 18 पॉजिटिव मिले। इसमें 12 शहरी और 6 ग्रामीणों इलाकों के मरीज शामिल हैं।
मौसम बदला तो बढ़ेगा खतरा
तापमान में हो रही बढ़ोतरी से डॉक्टरों ने बीमारी के जल्द रोकथाम की उम्मीद जताई है, लेकिन मौसम विभाग ने ठंड के मार्च तक खिंचने की आशंका जताई है। इससे एच1एन1 वायरस को काबू करने की उम्मीदों को ग्रहण लगा है। क्योंकि ठंड के मौसम में बीमारी का वायरस हवा में ज्यादा ऊपर नहीं उठ पाता, जिसके चलते लोग आसानी से हवा में फैले इन वायरस की चपेट में आ सकते हैं।
बढ़े सेल्फ सस्पेक्ट मरीज
बरेली में अब तक 18 स्वाइन फ्लू मरीज मिले हैं, जिसमें से एक की मौत हो चुकी है। वहीं अन्य का इलाज चल रहा है। ऐसे में सामान्य फ्लू व वायरल के मरीज भी इस बीमारी के संदेह में जिला अस्पताल की ओपीडी में खिंचे चले आ रहे हैं। यह मरीज डॉक्टरों से खुद के स्वाइन फ्लू के खतरे की चपेट में आने की बात कह रहे हैं। जिन्हें ‘सेल्फ सस्पेक्टेड स्वाइन फ्लू केस’ करार दिया है।
संजीदा रहें सर्दी जुकाम में
भले ही नजला जुकाम होना स्वाइन फ्लू का डर नहीं, लेकिन डॉक्टरों ने लोगों से सर्दी, जुकाम व वायरल में संजीदा रहने की चेतावनी दी है। क्योंकि स्वाइन फ्लू के लक्षण भी सामान्य फ्लू सरीखे होते हैं। ऐसे में लंबे समय तक खांसी, जुकाम, तेज बुखार, खांसते समय खून निकलना, गले में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ होने पर डॉक्टरों से मिलें। समय पर रोकथाम ही इस बीमारी के खिलाफ हथियार है।
खराब मौसम व ठंड के चलते एच1एन1 के वायरस तेजी से एक्टिव हुआ। अब बढ़ते तापमान से स्वाइन फ्लू के वायरस का असर कम होने के आसार हैं। हालांकि सेल्फ सस्पेक्टेड मरीज आ रहे हैं।
- डॉ. वागीश वैश्य, फिजिशियन