बरेली। मार्केटिंग के दौर में जायकेदार खाने का भी बड़ा बाजार विकसित हो चुका है और लोगों का इस ओर रुझान भी बढ़ता जा रहा है। ऑनलाइन कंपनियां मोबाइल एप के जरिये मिनटों में घर बैठे लोगों की फरमाइश पूरी कर रही हैं। मगर यह ख्याल कम ही लोगों को है कि ये कंपनियां उन्हें खाने के साथ दिल की बीमारियां भी परोस रही हैं। बाजार के जायकेदार खाने के मुरीद बड़ी संख्या में दिल के रोगी बन रहे हैं। ये खाना धीरे-धीरे शरीर में कोलेस्ट्रॉल के साथ ब्लड प्रेशर बढ़ाने के बाद सीधे हृदयाघात की ओर ले जाता है।
यह कहना है बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के डॉ. पीआर सिन्हा का। श्री राममूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में आयोजित ‘कॉर्डिकॉन- 2019’ कॉन्फ्रेंस में आए डॉ. सिन्हा ने कहा कि मोबाइल एप के जरिये ऑनलाइन खाना मंगाने का यह चलन बेहद खतरनाक है। पहले लोग फास्ट फूड या मसालेदार खाने के लिए कभी-कभार बाहर निकलते थे, लेकिन ऑनलाइन कंपनियां आने के बाद अब यह आम बात हो गई है। उन्होंने कहा कि खाने के बाद तुरंत टहलना भी उचित नहीं कहा जा सकता। खाना खाने के बाद पाचन क्रिया शुरू होती है, ऐसे में तुरंत टहलने से मांसपेशियों में रक्त संचार बढ़ जाता है, इससे पाचन क्रिया ठीक से पूरी नहीं होती। खासकर ऐसे बुजुर्ग लोग जिन्होंने ब्लॉकेज की समस्या झेली हो, उन्हें खाना खाने के बाद थोड़ा आराम करने के बाद ही टहलना चाहिए।
शनिवार को इससे पहले कॉर्डियोकॉन-2019 का विधिवत आगाज हुआ। एसोसिएशन ऑफ फिजीशिएन के तत्वावधान में आयोजित यूपी चैप्टर की 25वें दो दिवसीय सेमिनार में बड़ी संख्या में हृदय रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमरेश कुमार ने बताया कि दिल की बढ़ती बीमारियों और आबादी के सापेक्ष देखा जाए तो प्रशिक्षित डॉक्टर काफी कम हैं। कान्फ्रें स के द्वितीय सत्र में लखनऊ से आए डॉ. शरद चंद्रा ने भी हृदयघात पर व्याख्यान दिया। आयोजन में संस्थान के चेयरमैन देव मूर्ति और डायरेक्टर आदित्य मूर्ति उपस्थित रहे।