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12 साल से चल रही थी नेपाल से टेरर फंडिंग, 90 करोड़ रुपये पहुंचा चुके आतंकियों को

Sat, 12 Oct 2019 08:10 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
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टेरर फंडिंग के आरोपी - फोटो : Social Media
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नेपाल के बैंक में रकम मंगाकर वहां के लोगों के मार्फत भारत में लाकर उसे आतंकियों को पहुंचाने का काम 12 साल से चल रहा था। पाकिस्तान हैंडलर नेपाल को अड्डा बनाकर अब तक 90 करोड़ रुपये आतंकियों तक पहुंचा चुके हैं। यह जानकारी गिरोह के पकड़े गए चार लोगों में से एक के मोबाइल की कॉल रिकार्डिंग से पता चली। रिकार्डिंग वाला यह मोबाइल फोन एटीएस को सौंप दिया गया है। 

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दूसरी तरफ पता चला है कि एटीएस ने अब तक ऐसे 30 लोगों को चिह्नित किया है, जो टेरर फंडिंग की इस रकम को नेपाल में भारतीय रुपये में बदलवाकर भारत लाते थे। मनी एक्सचेंज का यह काम नेपाल सीमा से सटे यूपी के पीलीभीत, बहराइच, लखीमपुर खीरी, गोंडा, महराजगंज, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर जिले के लोगों को कमीशन देकर कराया जा रहा था। इतने बड़े नेटवर्क और इतनी बड़ी रकम के ठिकाने लगाने की जानकारी सामने आने के बाद खुफिया तंत्र और ज्यादा अलर्ट हो गया है। 

नेपाल के जरिए आतंकियों को आर्थिक मदद देने वाले गिरोह के चार लोगों को शुक्रवार को यूपी एटीएस ने लखीमपुर खीरी पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया था। उनके पास से 4.75 लाख भारतीय, 1.65 लाख नेपाली रुपये और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। पुलिस ने जब इन फोन की कॉल डिटेल खंगाली तो चौंकाने वाले कई खुलासे हुए। एक फोन में मिली कॉल रिकॉर्डिंग सुनकर अफसरों के भी कान खड़े हो गए।

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सूत्रों के मुताबिक रिकार्डिंग में नेपाल के रास्ते अब तक 90 करोड़ रुपये भेजे जाने की बात कही गई है। माना जा रहा है कि यह रकम आतंकवादी गतिविधियों को संचालित करने वालों तक पहुंच चुकी है। यूपी एटीएस ने रिकार्डिंग को अपने कब्जे में ले लिया है। यह पैसा कहां से आया और उसे कहां खपाया गया, एटीएस इसकी जानकारी करने में जुट गई है। अब तक की छानबीन से पुलिस का यही मानना है कि पाकिस्तान के हैंडलर ने यह रकम नेपाल मंगवाई। 

कॉल रिकार्डिंग मिली है, जिसमें 90 करोड़ रुपये का जिक्र है। इसके बारे में अब एटीएस को ही ज्यादा जानकारी होगी, क्योंकि वह ही जांच कर रही है-पूनम, पुलिस अधीक्षक
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