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Bareilly News: गीले कचरे से बनेगी बायोगैस और खाद, 88.69 करोड़ की परियोजनाओं से स्वच्छ होगा शहर

Mon, 11 May 2026 12:08 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

केंद्र सरकार और शहरी कार्य मंत्रालय ने बरेली स्मार्ट सिटी की 88.69 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था आधुनिक और डिजिटल बनेगी।
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कूड़ा वाहन (फाइल) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बरेली की सफाई व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए केंद्र सरकार एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने सिटीज 2.0 योजना के तहत बरेली स्मार्ट सिटी की 88.69 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इससे शहर में कचरा प्रबंधन के पुराने ढर्रे को बदलकर आधुनिक और डिजिटल सिस्टम लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।

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अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय ने बताया कि अब गीले कचरे से बायोगैस और जैव उर्वरक तैयार किए जाएंगे। इसके लिए अत्याधुनिक प्लांट लगाया जाएगा। वहीं, घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए 130 नई सीएनजी आधारित गाड़ियां सड़कों पर उतरेंगी। पूरे सिस्टम को डिजिटल बनाया जाएगा। कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में जीपीएस, आरएफआईडी और जियो-फेंसिंग तकनीक लगाई जाएगी। निगरानी के लिए सीसी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे यह पता चल सकेगा कि किस वार्ड में कब और कितना कचरा उठाया गया।

टीम लीडर मोहम्मद आजम ने बताया कि परियोजनाओं की डीपीआर तैयार की जा रही है। जल्द ही काम शुरू देगा। शहर के कई इलाकों में बदबू व गंदगी की वजह बने डलावघरों को खत्म कर व्हीकल टू व्हीकल सिस्टम लागू किया जाएगा। छोटे वाहन सीधे बड़े कॉम्पैक्टर वाहनों में कचरा ट्रांसफर करेंगे। इसके लिए नए हुक लोडर और कॉम्पैक्टर खरीदे जाएंगे।

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ट्रांसफर स्टेशन की क्षमता भी बढ़ेगी
फिलहाल शहर में 50-50 टीपीडी क्षमता वाले दो कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन संचालित हैं। इन्हें अपग्रेड कर 80 टीपीडी क्षमता का बनाया जाएगा ताकि बढ़ते कचरे का निस्तारण आसानी से हो सके। परियोजना का एक बड़ा फोकस सर्कुलर इकोनॉमी पर है। अनौपचारिक कचरा बीनने वाले लोगों को वेस्ट-टू-आर्ट और वेस्ट-टू-प्रोडक्ट जैसे कार्यों से जोड़ा जाएगा। चयनित लोगों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। 

वहीं, शहर को जीरो वेस्ट सिटी बनाने के लिए मंदिरों, दरगाहों और घरों से निकलने वाले फूलों के कचरे के लिए एक टीपीडी क्षमता का प्लांट लगाया जाएगा। नारियल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए दो टीपीडी क्षमता का केंद्र स्थापित होगा। यहां नारियल के खोल और रेशों से उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
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24.12 करोड़ की लागत से सुधरेगा ड्रेनेज सिस्टम
नगर निगम ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए स्ट्रॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के अंतर्गत बीसलपुर क्षेत्र में नए नाला निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस परियोजना के लिए नगर निगम ने उत्तर प्रदेश जल निगम (कंसट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) के परियोजना प्रबंधक को पत्र भेजकर स्थल सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। 

इसी योजना के तहत पूर्व में स्वीकृत की गई बड़ी परियोजनाओं पर भी धरातल पर काम शुरू हो गया है। शहर के मुख्य क्षेत्रों, त्रिशूल चौराहा और मुंशीनगर से होते हुए नकटिया नदी तक बनने वाले नाले के निर्माण को शासन से हरी झंडी मिल चुकी है। लगभग 24.12 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस ने निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित कर ली हैं। टेंडर प्रकिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। 
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