आंवला में पेट्रोलियम कंपनियों के डिपो को मथुरा रिफाइनरी से सीधे जोड़ने की योजना बनी है, जिस पर काम भी शुरू कर दिया गया है। करीब सात सौ करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत पाइप लाइन बिछाने की इस परियोजना के अगले तीन सालों में पूरा होने की संभावना है। इसके साथ पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड में साढ़े तीन हजार से ज्यादा नए पेट्रोल पंप भी अगले साल तक शुरू हो जाएंगे।
इंडियन ऑयल कारपोरेशन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के कार्यकारी निदेशक विनय मिश्र ने ‘अमर उजाला’ को एक बातचीत में बताया कि बरेली के आंवला डिपो में सीधे मथुरा रिफाइनरी से पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई की योजना को मंत्रालय ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। करीब 700 करोड़ रुपये लागत से भूमिगत पाइप लाइन बिछाने की इस परियोजना पर अगले तीन सालों में क्रियान्वयन पूरा होगा। परियोजना पर सर्वे भी कराया जा रहा है। इस परियोजना से सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ रेल रैक और अन्य माध्यमों में होने वाली चोरी पर भी लगाम लग जाएगी। विनय मिश्र ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश नजीबाबाद आदि के डिपो को भी पानीपत लाइन से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी यूपी-उत्तराखंड में साढ़े तीन हजार नए पेट्रोल पंप खोलने के लिए विज्ञापन जारी हो गए हैं। देश भर में आईओसी करीब 27 हजार नए पेट्रोल पंप खोलेगी।