कोहाड़ापीर स्थित दरगाह शरीफ पर इन दिनों हजरत कोहाड़ापीर शाह बाबा का उर्स चल है। इसी कड़ी में बुधवार को महफिल-ए-समां का आयोजन किया गया। इसमें फनकारों ने अपने रूहानी कलाम से अकीदतमंदों को लुत्फअंदोज कर दिया।
दरगाह शरीफ पर उर्स के तीसरे रोज सुबह से ही अकीदतमंदों का जमावड़ा रहा। शहर के तमाम क्षेत्रों से लोग मन्नतों मुराद की चादरें जुलूस के साथ लेकर पहुंचे। इन चादरों को हाजी नजमुल इस्लाम, हाजी मोनिस रजा, मोहम्मद सलीम नूरी, कैफी रजा, मुफ्ती मोहम्मद सगीर ने मजार शरीफ पर पेश कराया। यह सिलसिला दिन भर जारी रहा।
उर्स की कड़ी में रात को महफिल-ए-समां का आयोजन किया गया। इसमें बरेली के महताब नियाजी कव्वाल के कलाम- मुझे अपने ही रंग में रंग लो ख्वाजा... पेश कर समां बांध दिया। इसके बाद मेरठ के इरफान सलीम और कुंदरकी के शमीम कव्वाल ने अपने-अपने कलाम से पूरे माहौल को रूहानी बना दिया।
उर्स की व्यवस्था में प्रबंधक चौधरी अहमद मियां के साथ मोहम्मद सलीम का सहयोग रहा। उर्स के आखिरी रोज बृहस्पतिवार को दरगाह शरीफ पर सुबह 10 कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी।