शनिवार की रात लखनऊ से चलकर बरेली आने वाली चंडीगढ़ एक्सप्रेस को रात दो बजे बरेली पहुंचना था, लेकिन दो बजे तक वह लखनऊ से ही नहीं चली। ट्रेन में बैठे यात्री भी घंटों पकते रहे और बरेली जंक्शन पर उसका इंतजार करने वाले यात्री भी। यही हाल दूसरी ट्रेनों का भी है। दिल्ली और लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेनों का औसत समय दोगुना हो गया है। आमतौर पर चार से पांच घंटे में लखनऊ पहुंचाने वाली ट्रेनें औसतन दस से बारह घंटे ले रही हैं। रविवार को भी मुरादाबाद मंडल में चलने वाली 40 ट्रेन नियत समय से देरी से चली।
चंडीगढ़ से चलने वाली डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस 15903 सुबह 5.40 बजे बरेली आनी थी, लेकिन वह 12 घंटे देरी से शाम 5.40 बजे बरेली पहुंची। अमृतसर से चलने वाली 13005 पंजाब एक्सप्रेस 20 घंटे देरी से चली और शनिवार रात साढ़े आठ बजे की जगह रविवार को दोपहर ढाई बजे बरेली पहुंची। शहीद एक्सप्रेस 14673 भी 11 घंटे देरी से सुबह 4.45 बजे की जगह दोपहर साढ़े तीन बजे पहुंची। अवध आसाम एक्सप्रेस 15909 दस घंटे देरी से चली। सियालदाह एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस सहित दर्जनों ट्रेनें पांच घंटे देरी से चली।