बरेली। जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के उत्पादों को बाजार से हटाने के आदेश की आड़ में एफएसडीए के अधिकारियों ने शहर में बड़ा खेल करा दिया। मुख्यालय से तीन दिन पहले आए इस आदेश पर तत्काल कार्रवाई करनी थी, लेकिन अधिकारी इसे दबाकर बैठ गए। इस बीच मार्केट में सारा इस कंपनी का करोड़ों का माल इधर से उधर हो गया। अधिकारियों के इस कृत्य की जानकारी मिलने के बाद सहायक आयुक्त औषधि ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।
राजस्थान के कई शहरों में पिछले दिनों एफएसडीए ने जॉनसन एंड जॉनसन के विभिन्न उत्पादों के नमूने लेकर लैब में परीक्षण कराया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कंपनी स्किन ऑयल और शैंपू जैसे उत्पादों में हानिकारक तत्व मिलने की पुष्टि के बाद राजस्थान ड्रूग कंट्रोलर ने भारत सरकार समेत सभी राज्यों को इसकी जांच रिपोर्ट जारी करते हुए बाजार से इन उत्पादों को तत्काल हटाने की संस्तुति की थी। यूपी के एफएसडीए मुख्यालय ने भी इसके बाद तीन दिन पहले जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के कई उत्पादों को तत्काल बाजार से हटाने और जब्त करके नष्ट करने के निर्देश दे दिए, लेकिन बरेली में अधिकारी इसे दबाकर बैठ गए। इस बीच आदेश जारी होने की खबर एफएसडीए से निकलकर मार्केट तक पहुंच गई और सारे उत्पाद मार्केट से एकाएक गायब हो गए। दवा व्यापारियों ने बताया कि इस कंपनी के प्रतिबंधित कास्मेटिक कहीं-कहीं अब भी धड़ल्ले से बिक रहे हैं। बरेली में अभियान न चलाए जाने पर सहायक आयुक्त औषधि आरपी पांडे ने नाराजगी भी जताई है।
अमेरिका में पहले ही प्रतिबंध
जॉनसन एंड जॉनसन अमेरिका की कंपनी है और पहले से विवादों में है। अमेरिका में भी उसके उत्पादों पर प्रतिबंधित लग चुका हैं। लैब परीक्षण इसके उत्पादों में फार्मेल्डिहाइड जैसे खतरनाक तत्व मिले हैं। देश में बच्चों के संरक्षण के लिए काम करने वाली शीर्ष संस्था राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने भी इसके विभिन्न उत्पादों को बाजार से हटाने की सिफारिश की है। आयोग ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि यूपी में इस पर अपेक्षित गति से काम नहीं हो रहा है।