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मरीज की उखड़ रही थी सांस, नर्स बोली- सोने दो

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बरेली। जिला अस्पताल में एमडीआर वार्ड में भर्ती टीबी के मरीज की हालत सोमवार देर रात बिगड़ी तो ड्यूटी पर मौजूद नर्स उसे देखने की बजाय सोती रही। तीमारदार ने जगाने की कोशिश की तो बोली- भाग जाओ.. सुबह आना। इमरजेंसी वार्ड से भी मरीज को कोई मदद नहीं मिली तो तीमारदार ने देर रात लखनऊ और फिर सीएमएस से शिकायत कर दी। लखनऊ तक शिकायत पहुंचने पर सीएमएस ने रात की ड्यूटी कर रही नर्स से लिखित में जवाब मांगा। इमर्जेंसी में मौजूद स्टाफ से भी स्पष्टीकरण मांगा गया। तीन सदस्यीय कमेटी जांच को बनाई है।
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बदायूं के गांव सुरैनी पापड़ी निवासी 35 वर्षीय राम किशोर पिछले पंद्रह दिन से जिला अस्पताल में भर्ती हैं। सोमवार देर रात करीब 12 बजे उनकी हालत बिगड़ गई। भाई हरीश पाल ने ड्यूटी कर रही नर्स को बताया तो उसे वहां से भगा दिया गया। हरीश ने बताया कि नर्स ने केबिन का दरवाजा तक नहीं खोला। वह सोती रही। इमर्जेंसी वार्ड से भी मदद नहीं मिल पाई। काफी देर परेशान होने के बाद रमेश ने सीएमएस को रात करीब दो बजे शिकायत की। सीएमएस का फोन पहुंचा तो नर्स की नींद खुली। तब तक राम किशोर की हालत सांस उखड़ने के कारण बिगड़ चुकी थी। वार्ड में आक्सीजन नहीं होने पर दूसरे वार्ड से इंतजाम कर उन्हें आक्सीजन लगाई गई। सीएमएस का फोन पहुंचने के बाद करीब ढाई बजे रिकार्ड बुक में शिकायत और डॉक्टर की कॉल की एंट्री चढ़ाई गई।

‘टीबी वार्ड से एक मरीज की शिकायत देर रात आई थी। ड्यूटी पर मौजूद नर्स की संवेदनहीनता के चलते उनसे जवाब मांगा है। साथ ही जांच के लिए तीन लोगों की कमेटी बनाई गई है। जिसमें डॉ. एके गौतम, डॉ एसके सागर और मैटर्न सीएम मैसी होंगे। मामले के जांच की रिपोर्ट दो दिन के अंदर मांगी गई है।’
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- सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता, जिला अस्पताल
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