एमडी ने पकड़ी रूरल फीडर पर शहरी सप्लाई
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बरेली। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी संजय गोयल ने शुक्रवार को यहीं समीक्षा बैठक में बिजली चोरी, लाइन लॉस और राजस्व लक्ष्य पूरे न होने पर विभागीय अफसरों की जमकर खबर ली। जोन के चार एक्सईएन और एक एसई उनके निशाने पर रहे। तमाम गड़बड़ियां गिनाते हुए चीफ इंजीनियर को उन पर रिपोर्ट देने को कहा। बदायूं में अवैध ट्रांसफार्मर से निजी नलकूप चलवाने और दो मोबाइल टावर पर चाइनीज मीटर लगाकर बिजली चोरी कराने के मामले में भी अफसरों को जमकर कसा। इज्जतनगर उपकेंद्र के निरीक्षण के दौरान रूरल फीडरों पर शहरी बिजली सप्लाई होती देख वह दंग रह गए।
शुक्रवार सुबह दस बजे से देर शाम तक मध्यांचल के एमडी संजय गोयल ने बरेली समेत पीलीभीत और बदायूं के अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक और वीडियो कांफ्रेंसिंग में भाग लिया। इस दौरान बहेड़ी और तिलहर वितरण खंड की समीक्षा में पाया कि यहां बिलिंग और राजस्व वसूली की स्थिति बेहद दयनीय थी। दोनों एक्सईएन पर कार्रवाई के संकेत देते हुए सुधार लाने को कहा और चीफ इंजीनियर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
उन्होंने फरीदपुर में कनेक्शन नहीं देने, बदायूं में दो निजी मोबाइल कंपनी के टावरों पर एक्सईएन रामदास ने चाइना मीटर लगवा दिए, इससे बिल में हेराफेरी हुई। सरकारी ट्रांसफार्मर से नलकूप चलवाना जैसे कई मामलों में एमडी सख्त दिखे। उन्होंने चीफ इंजीनियर एसके सक्सेना से कहा कि वे मौके पर जाकर तत्काल रिपोर्ट बनाकर सौंपें। उन्होंने एसई बदायूं मधुप श्रीवास्तव को खड़ा करके पूछा कि अवैध ट्रांसफार्मर से चोरी होने की घटना पर त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं हुई? एमडी के तेवर देख एसई श्रीवास्तव बगले झांकने लगे। बिलिंग कंपनी की प्रगति पर भी असंतुष्ट दिखे और कहा कि शहर में शत प्रतिशत और ग्रामीण में कम से कम 70 प्रतिशत बिलिंग अनिवार्य है। शुक्रवार शाम एमडी संजय गोयल इज्जतनगर ग्रामीण उपकेंद्र पहुंचे। वहां ग्रामीण फीडरों पर शहरी सप्लाई होती मिली। तकनीकी सिस्टम भी सही नहीं मिलने पर 12 जून तक इसे दुरुस्त करने के निर्देश दिए। बताया जाता है कि पांच एक्सईएन और एक एसई पर गाज गिरना तय है।