ग्राम पंचायत गुग ई में कूडा निस्तारण केन्द्र में खडी कार आस पास लगे कूड़े के ढेर
मीरगंज। स्वच्छ भारत अभियान के तहत 5.32 करोड़ से तैयार गांवों में 65 आरआरसी (कूड़ा निस्तारण केंद्र) बंद हो गए हैं। इससे स्वच्छता अभियान की रफ्तार ठप पड़ गई हैं। गांवों में जगह-जगह कूड़े बिखरे दिखाई दे रहे हैं तो कहीं निर्मित आरआरसी पार्किंग स्थल बन गए हैं। इन केंद्रों पर कूड़ों को फेंकने के लिए लगाए गए ई-रिक्शा धूल फांक रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के तहत मीरगंज विकासखंड में वर्ष 2022 से 2025 के बीच 67 कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाए गए थे, जिनमें से दो केंद्र अब भी निर्माणाधीन चरण में है। इन केंद्रों पर कुल 5 करोड़ 32 लाख 56 हजार 748 रुपये की लागत आई है। गांवों से कचरा एकत्र कर निस्तारण केंद्रों तक पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा और साइकिल रिक्शा भी उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन आज तक ये केंद्र चालू नहीं हो पाए।
इमारतें हुईं जर्जर तो परिसर में उग आए झाड़-झंखाड़ : ज्यादातर स्थानों पर इमारतें जर्जर हो चुकी हैं। दीवारें दरकने लगी हैं और परिसर में झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। कई केंद्रों पर मवेशियों का कब्जा है तो कहीं कचरा ही जमा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब ये केंद्र बनाए गए थे, तब उम्मीद थी कि अब कचरा घर-घर से उठेगा और गांव साफ-सुथरे रहेंगे, मगर तीन साल गुजर जाने के बाद भी कोई केंद्र संचालित नहीं हुआ। लाखों रुपये के वाहन और उपकरण बेकार पड़े हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इन केंद्रों पर किसी कर्मचारी को नियुक्त नहीं किया गया है। इससे आरआरसी को चालू कराने का कार्य विलंब हो रहा है। संवाद
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सभी ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम प्रधानों को निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही सभी कूड़ा निस्तारण केंद्र चालू कराए जाएंगे। -वीरपाल सिंह, एडीओ पंचायत
ग्राम पंचायत गुग ई में कूडा निस्तारण केन्द्र में खडी कार आस पास लगे कूड़े के ढेर