यूपीएससी ईपीएफओ परीक्षा में देकर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को बताया सामान्य
बरेली। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में सहायक भविष्य निधि आयुक्त (एपीएफसी) और प्रवर्तन अधिकारी/लेखा अधिकारी (ईओ/एओ) जैसे पदों पर भर्ती के लिए आयोजित संयुक्त परीक्षा में रविवार को 60 फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर आए अभ्यर्थियों ने पेपर को सामान्य बताया। कहा कि कुछ सवाल उलझाऊ होने से उन्हें हल करने में अधिक समय लगा।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में प्रवर्तन अधिकारी/लेखा अधिकारी के 156 पदों और सहायक भविष्य निधि आयुक्त के 74 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे। जिले के 16 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में 7,033 उम्मीदवार पंजीकृत थे। इनमें से 4,220 ने परीक्षा छोड़ दी। इस तरह, केवल 2,813 (लगभग 40 प्रतिशत) अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए।
परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर 11:30 बजे तक चली। केंद्रों पर सुबह से ही उम्मीदवारों की भीड़ जुटने लगी थी। प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों को सख्त सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा।संवाद
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अधिकांश सवाल सरल थे। कुछ ही प्रश्न ऐसे आए थे जिन्हें हल करने में समय लगा। आंकड़ो और सामान्य ज्ञान के प्रश्नों को हल करने में परेशानी हुई। - शोएब अली, रामपुर
पेपर का स्तर सामान्य था। इससे पहले भी एक बार ये परीक्षा दे चुकीं हूं, लेकिन पिछली बार के मुकाबले इस बार सवाल सरल थे। परीक्षा अच्छी हुई है अब बस परिणाम का इंतजार है। - कल्पना, बरेली
सबके लिए परीक्षा में आए सवाल एक समान नहीं होते है। गणित का विद्यार्थी होने के कारण मुझे कोई ज्यादा समस्या नहीं हुई, लेकिन सवालों को देखते हुए समय की कमी महसूस हुई। - अंचल सिंह, शाहजहांपुर
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा सामान्य थी। परीक्षा का स्तर अच्छा था और सवालों को हल करने में कोई समस्या नहीं हुई। - पूर्णिमा, मुरादाबाद
देरी से मिला प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट 10 मिनट पहले ले ली
बरेली। परीक्षार्थी सोमेश पांडे ने जिला मजिस्ट्रेट को लिखित शिकायत देकर परीक्षा केंद्र गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज (केंद्र संख्या 014) पर अनियमितताओं का आरोप लगाया। कहा कि कक्ष संख्या 23 में कक्ष निरीक्षकों ने प्रश्नपत्र 9:15 के बजाय 9:25 पर वितरित किया। यहीं नहीं परीक्षा समाप्ति का समय 11:30 था, लेकिन कक्ष की घड़ी के अनुसार 11:20 पर ही ओएमआर शीट जबरन वापस ले ली गई। जब वह शिकायत लेकर प्रधानाचार्य के कार्यालय पहुंचे तो सुनवाई नहीं की गई। संवाद