बरेली। शहर में हाल ही में चिह्नित किए गए 300 अवैध व्यावसायिक निर्माणों पर कार्रवाई के बारे में बीडीए शनिवार को फैसला लेगा। बीडीए ने शनिवार को ही प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर इसका खुलासा करेगा। माना जा रहा है कि बीडीए अवैध निर्माण करने वालों को नियमों के तहत जुर्माना देकर अपने नर्सिंग होम, बरातघर और दूसरे व्यवसायिक निर्माण को कंपाउंड कराने का विकल्प दे सकता है।
बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने चुनाव आचार संहिता लगने से पहले अपना कार्यभार ज्वाइन करते हुए केके अस्पताल रोड पर गुलमोहर पार्क कॉलोनी में 464.04 वर्ग मीटर की 942.30 वर्ग मीटर एरिया की बिल्डिंग ध्वस्त कराकर अपने तेवर दिखाए थे। बताया जाता है कि रसूख वाले डॉक्टर दंपति की यह अवैध बिल्डिंग बचाने के लिए भाजपा सरकार के कई दिग्गज मंत्रियों ने भी अफसरों को फोन कर दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन बीडीए वीसी ने नेताओं के दबाव को दरकिनार करते हुए बिल्डिंग पर उस समय अपने सामने जेसीबी चलवा दी थी। उसके बाद चुनाव आचार संहिता लग गई।
23 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद बीडीए वीसी ने इंजीनियरों की टीम बनाकर पूरे शहर में अवैध व्यावसायिक भवनों का सर्वे कराया है। अंदरूनी सूत्रों की मानें तो सर्वे में बीडीए इंजीनियरों की टीम ने बड़ी संख्या में अवैध निर्माण ऐसे ही छोड़ दिए। उनको सर्वे में शामिल नहीं किया और खानापूरी के तौर पर रिपोर्ट सौंप दी। हालांकि बीडीए वीसी ने कहा कि अवैध निर्माण पर सर्वे लगातार चलता रहेगा।