मुश्किल दौर में जी रहा हूं : आत्माराम
आत्माराम ने बताया कि घटना के बाद जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण करके उन्हें छोड़ दिया था। डॉक्टरों ने जांच में उन्हें दिल का मरीज बता दिया था। यही जांच जब प्राइवेट लैब में कराई तो ऐसी कोई बीमारी नहीं निकली। उनकी पीठ में कोई गोली या छर्रा लंबे समय से फंसा है। दिन में वह ठेला लगाते हैं तो अहसास नहीं होता पर रातभर नींद नहीं आती। दो सौ रुपये रोज की दवा खाने पर ही उन्हें रात को नींद आती है। उनकी गोली निकाल दी जाए तो काफी राहत मिलेगी।
जिला अस्पताल एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि आत्माराम को लगी गोली निकालने के लिए कई बार बुलाया गया है पर वह त्योहार का बहाना बना देते हैं। वह आ जाएं तो उनकी जांच कराकर ऑपरेशन करा दिया जाएगा।
इंस्पेक्टर प्रेमनगर आशुतोष रघुवंशी ने बताया कि दोनों आरोपी कुछ दिन पहले तक पीलीभीत जेल में थे। इनमें से एक छूट गया है। इनमें एक को वारंट तामील करा दिया है। दूसरा कोर्ट के जरिये आत्मसमर्पण करने के प्रयास में है।