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दो डॉक्टरों समेत 42 और मिले संक्रमित

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बरेली। कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामले अब हालात बेकाबू होने की ओर इशारा करने लगे हैं। मंगलवार को आईवीआरआई से मिली रिपोर्ट में 17, ट्रू-नेट की जांच में तीन और कारपोरेट लैब की जांच में 22 व्यक्ति संक्रमित मिले हैं। सभी को इलाज के लिए कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके संपर्क में आने वालों को सर्विलांस टीम खोज रही है।
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जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि ट्रू-नेट की जांच में पशुपति विहार का युवक, सैलानी की युवती और तीन सौ बेड अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर संक्रमित मिले हैं। कारपोरेट लैब की जांच में प्रेमनगर विष्णुपुरी का युवक, सुभाषनगर तिलक कॉलोनी का एक व्यक्ति, नवाबगंज रिछौला का बुजुर्ग, शहीद पंकज पार्क राजेंद्रनगर का एक व्यक्ति, सिविल लाइंस का युवक और एक युवती, इफको टाउनशिप का युवक, कुदेशिया एंक्लेव का एक व्यक्ति, मोहल्ला फरीदपुर की युवती, गंगानगर का युवक, साधना कॉलोनी का बुजुर्ग, कालीचरण बिल्डिंग सुभाषनगर का व्यक्ति, जानकीपुरम इज्जतनगर का व्यक्ति, इज्जतनगर की महिला और युवक, सुभाषनगर का व्यक्ति, राजेंद्रनगर गुप्ता चौराहा का व्यक्ति, बदायूं शिवपुरम की महिला, कोविड एल-2 अस्पताल के एक डॉक्टर, रामपुर गार्डन का व्यक्ति, आलमगीरीगंज नया टोला का बुजुर्ग, उत्सव महानगर पार्ट-1 का युवक संक्रमित मिले हैं। आईवीआरआई से मिली रिपोर्ट में 17 संक्रमित हैं। इनकी पड़ताल सर्विलांस टीम कर रही है। रात साढ़े दस बजे रिपोर्ट मिलने से ट्रेसिंग रिपोर्ट नहीं दे सके हैं।
डॉक्टर में संक्रमण की पुष्टि से अस्पताल के कर्मचारियों में खलबली
बरेली। तीन सौ बेड अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ के संक्रमित मिलने का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। बीते दिनों एक डॉक्टर समेत स्टाफ के संक्रमित मिलने के बाद अस्पताल में खलबली मच गई थी। सैनिटाइजेशन की वजह से एक दिन अस्पताल में सैंपलिंग भी नहीं हुई थी। वहीं, अब एक और डॉक्टर के संक्रमित मिलने के बाद अस्पताल के स्टाफ में कोरोना की दहशत हावी हो गई है।
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कोरोना संक्रमितों के इलाज में जुटे डॉक्टर यानी कोरोना योद्धा खुद को भी कोरोना अपनी चपेट में ले रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक पीपीई किट, मास्क, ग्लब्स और लगातार हाथ सैनिटाइज करने के बाद भी संक्रमितों के संपर्क में रहने से जब डॉक्टर संक्रमित हो जा रहे हैं। तो आम लोग जो बगैर सुरक्षा एहतियात के भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूम फिर रहे हैं उनका इससे बच पाना नामुमकिन है। संक्रामक रोग चैप्टर के अध्यक्ष रहे डॉ. अतुल अग्रवाल के मुताबिक एक कोरोना संक्रमित जो ट्रेस नहीं हो सका है वह तमाम लोगों को संक्रमित कर सकता है। एसिम्टोमैटिक यानी जिनमें कोरोना के लक्षण न हों वह कोरोना के मजबूत कैरियर हैं। लक्षण होने पर लोग व्यक्ति से दूर रहते हैं मगर जो बगैर लक्षण के हैं उनके करीब जाने से लोग नहीं हिचकते। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की बेहद जरूरत है। एसएमएस यानी सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर का जरूर उपयोग करें।
फिर टूटा रिकॉर्ड, मंगलवार को लिए गए 1021 सैंपल
नोडल अफसर नवनीत सहगल के निर्देश के बाद सुधरी सैंपलिंग व्यवस्था
बरेली। नई टीम के कमान संभालते ही सैंपलिंग के ग्राफ में करीब तीन गुना से भी ज्यादा बढ़त दर्ज हो रही है। सोमवार को पहले ही दिन जहां टीम ने 795 सैंपल लेने का रिकॉर्ड बनाया था वहीं, मंगलवार को अपना ही रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए 1021 सैंपल लेने का नया रिकॉर्ड कायम किया है।
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने बताया कि तीन सौ बेड अस्पताल में नोडल अफसर डॉ. सुधीर गर्ग के निर्देशन में दो टीम ने कुल 208 संदिग्ध रोगियों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान संदिग्ध संक्रमितों के सैंपल लिए गए। इसके अलावा एमएमयू प्रभारी अभिषेक त्यागी के निर्देशन में आंवला में 114, फरीदपुर में 84, भमोरा में 70 लोगों के सैंपल लिए। इसके अलावा जिले की सभी सीएचसी और पीएचसी के कुल मिलाकर 1021 सैंपल लिए गए हैं। जिन्हें जांच के लिए बुधवार को आईवीआरआई भेजा जाएगा। बताया कि जिले में फिलहाल 364 एक्टिव पॉजिटिव केस हैं। अब तक 21 संक्रमितों की मौत हुई है। ब्यूरो
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