बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले ही 2022 तक हर एक गरीब को छत उपलब्ध कराने के दावे किए हों, मगर सरकारी व्यवस्था में यह ख्वाहिश इस बार भी दिवाली से पहले तक अधूरी ही रही। प्रधानमंत्री आवास योजना में डूडा से चयनित 154 लाभार्थियों को रामगंगा नगर आवासीय योजना में घर मिल भी गए, लेकिन शासन से अनुमति पत्र न आने से उनको कब्जा नहीं मिल पाया।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में दस हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। आवेदकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बरेली विकास प्राधिकरण ने रामगंगा नगर में अपने पहले से बने 154 ईडब्ल्यूएस आवासों को पीएम आवास योजना में बदल दिया। डूडा से छह माह पहले भेजी गई पहली सूची में बीडीए ने लाटरी सिस्टम से पहले चरण में 154 लाभार्थियों को ईडब्ल्यूएस मकान देने की प्रक्रिया पूरी कर अनुमति के लिए शासन को लिखकर भेज दिया। हालांकि अब तक शासन से जवाब नहीं आया। दिवाली से पहले शासन से गाइड लाइन मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा न होने से दिवाली से पहले लाभार्थियों को आवास नहीं मिल पाए। गरीब लाभार्थियों की अपने घर में दिवाली मनाने की ख्वाहिश अधूरी रह गई। बीडीए रामगंगा नगर में 110 ईडब्ल्यूएस मकान बनवा भी रहा है, ताकि दूसरे चरण में इनको दिया जा सके।
प्रथम चरण में 154 लाभार्थियों को मकान देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। शासन से लाभार्थियों को कब्जा देने के लिए अनुमति मांगी गई थी। जवाब न आने से मकानों में चयनित लाभार्थियों को पजेशन नहीं मिल पाया।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष बीडीए