अलीगंज विद्युत सब स्टेशन से जुड़े गांवों में वैसे तो पिछले 15 दिन से आपूर्ति लड़खड़ाई हुई है, लेकिन बीते दिन से सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। कारण सब स्टेशन की पुरानी हो चुकी मशीनों में खराबी और लोकल स्तर के फाल्ट को बताया जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं के अनुसार, किसी जिम्मेदार अधिकारी के विद्युत सब स्टेशन पर नहीं रहने की वजह से मामूली खराबी को ठीक करने में घंटों लग जाते हैं। तीन दिनों से जर्जर लाइन के तार टूटने और विद्युत सब स्टेशन की मशीनों में तकनीकी खराबी की वजह से इससे जुडे़ अलीगंज, सूदनपुर, बिशारतगंज व पिपरिया फीडर से गैनी, राजपुरकला, अंतपुर, सूदनपुर, धनैती, चुरहा नवदिया, किशनपुर, अमरोली, रफियाबाद सहित इससे जुडे़ सैकड़ों गांव अंधेरे में डूब गए। शुक्रवार को उपभोक्ताओं ने सब स्टेशन पर हंगामा काटकर एसडीओ को खूब खरी खोटी सुनाई, लेकिन नतीजा कोई नहीं निकला। हालांकि एसडीओ एसपी आजाद ने पुरानी मशीनों का हवाला देकर उपभोक्ताओं को शांत कराया और जल्द सप्लाई शुरू करवाने का आश्वासन दिया।
एक सप्ताह में दो बार टूटा तार
गैनी पुलिस चौकी के पास एक सप्ताह में दो बार जर्जर तार टूटकर गिर चुका है। पहले तार टूटने से भीगमपुर का शब्बू खां और उनका चार का बेटा गंभीर रूप से झुलस चुके हैं। गुुरुवार को भी आपूर्ति शुरू होते ही तार टूटकर गिर गया था। करंट की चपेट में आने से एक घोड़े की मौत हो गई थी।
शिकायतें नहीं की जाती हैं दर्ज
अलीगंज विद्युत सब स्टेशन पर उपभोक्ताओं की शिकायत भी दर्ज नहीं की जाती है। मांगने पर ड्यूटी पर तैनात एसएसओ शासन से ही लाग बुक न मिलने की बात कहकर शिकायतकर्ता को टरका देते हैं।
घरों में लगे करंट के झटके
हाफिजगंज। कस्बे के मोहल्ला ईदगाह में मकानों के ऊपर से ग्यारह हजार की लाइन गुजर रही है। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे अचानक गांव के इकरार अहमद के मकान के पास लगे खंभे में करंट उतर आया। इससे रिजवान व इकराम को करंट के झटके लगे। पास ही रहने वाले बंदे हसन और उनकी पत्नी चांदवी को भी झटके लगे। अली हसन, नाजरीन, असलम और मुन्ना को भी करंट लगा। घरों में करंट आने से लोग बाहर निकल आए और बिजली विभाग को सूचना दी। इसके बाद आपूर्ति बंद कर दी गई। उधर, बिजली विभाग के कर्मचारियों का कहना था कि बारिश के कारण लोगों को झटके महसूस हुए।