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पेंशन के लिए सुहागिनें बन गईं विधवा

Sun, 22 Jul 2018 12:52 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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सुहागिन होने के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं विधवा बनकर पेंशन का लाभ ले रही हैं। प्रोबेशन विभाग ने संदेह के आधार पर करीब पांच हजार महिलाओं की सूची जांच के लिए समाज कल्याण विभाग को भेजी थी। इसमें कई महिलाएं ऐसी भी थीं जो दो-दो जगहों से पेंशन ले रहीं हैं। समाज कल्याण विभाग अब तक इस सूची की जांच नहीं करा सका है। उधर, एसडीएम के भी तहसील क्षेत्रों में सूची की क्रॉस चेकिंग न कराए जाने से फर्जीवाड़े पर रोक नहीं लग पा रही है।
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प्रोबेशन विभाग में पंजीकृत करीब 45 हजार महिलाओं को शासन से विधवा पेंशन मिल रही है। हर साल लाभार्थियों की चेकिंग भी होती है। इसके बावजूद सिस्टम की लापरवाही से हजारों महिलाएं सुहागिन होते हुए भी विधवा पेंशन ले रहीं हैं। तमाम महिलाएं ऐसी भी हैं, जो विधवा पेंशन के साथ वृद्घावस्था पेंशन भी ले रहीं हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने मई में ऐसी करीब पांच हजार संदिग्ध लाभार्थियों की लिस्ट समाज कल्याण विभाग को जांच के लिए भेजी थी, लेकिन आज तक जांच नहीं कराई जा सकी है। ऐसे में हर तिमाही जारी होने वाली पेंशन की रकम अपात्रों के खाते में पहुंच रही है।

जांच करने से कन्नी काट रहा समाज कल्याण विभाग
प्रोबेशन विभाग से आईं लाभार्थियों की लिस्ट की जांच करने से समाज कल्याण विभाग कन्नी काट रहा है। समाज कल्याण अधिकारी राजेश दीक्षित का कहना है कि वह सभी पेंशन योजनाओं के नोडल अफसर हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वह सभी विभागों की पेंशन की जांच कराते रहें। प्रोबेशन विभाग के पास भी अपना स्टाफ है, इसलिए उसे खुद जांच करानी चाहिए। इधर, जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार का कहना है कि समाज कल्याण विभाग को जो लिस्ट भेजी है, उसमें विभाग को फर्जी लाभार्थी चिह्नित करने हैं, लेकिन पांच हजार में बमुश्किल कुछ ही लाभार्थियों की जांच हो सकी है।
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