प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) टीम ने सीबीगंज के पस्तौर गांव पहुंचकर एक शराब फैक्ट्री से निकले प्रदूषित पानी से फसलें चौपट प्रकरण की जांच की। टीम ने गड्ढों में भरे पानी को सैंपल के तौर पर लिया। ग्रामीणों ने शिकायत की कि फैक्ट्री से निकला पानी जहरीला है, जो फसलाें के साथ पशुओं के लिए भी हानिकारक हैं। जिस पर रोक जरूरी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विभाग के सहायक अभियंता शशि बिंदुकर अवर अभियंता माहिर हुसैन बृहस्पतिवार को गांव पहुंचे थे। भाजपा के मंडल अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश लोधी भी टीम के साथ मौके पर थे। उन्होंने भी इसकी जानकारी ली। टीम ने इस गांव के प्रभावित किसानों के साथ उन स्थानों पर पहुंचकर फसलों की झुलसी स्थिति में देखा। टीम ने ग्रामीणों के साथ पांच से छह किलोमीटर का सफर तय किया। खेतों पर फसल तो नालों में घास तक झुलसी मिली। टीम मौके को देखते हुए इस सबका कारण प्रदूषित पानी को ही मान रही है। दो घंटे तक गांव में रहकर टीम ने नमूने लिए। सुपीरियर इंडस्ट्रीज के जैविक खाद प्लांट पर पहुंचकर टीम ने स्थिति देखा वहां उत्पादन बंद मिला। भूमिगत पाइप लाइन भी यहां है, लेकिन चोक होने से पानी इधर-उधर खुला फैल रहा है।
प्रबंधक दिनेश मिश्रा ने बताया कि खेतों में फै ला पानी उनकी फैक्ट्री का नहीं है। पीसीबी के सामने प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा।