बरेली। राजस्व का लक्ष्य पूरा करने के चक्कर में जिला प्रशासन रक्षा विभाग के नियमों का सम्मान न करने पर अड़ा रहा और आखिर बनते-बनते तिल का ताड़ बन गया। करीब तीन साल तक लिखा-पढ़ी के बाद भी बीआई बाजार में अवैध रूप से खोली गई शराब की दुकान को प्रशासन हटाने को तैयार नहीं हुआ तो रक्षा संपदा विभाग ने भी इसे नाक का सवाल बना लिया। इसी के चलते पुरानी फाइलें खंगाली गईं तो पता चला कि सिर्फ शराब की दुकान नहीं बल्कि उसके आसपास की करीब दर्जन भर और भी दुकानें लीज की शर्तों को तोड़कर अवैध रूप से बनी हैं। इसके बाद रक्षा संपदा विभाग ने लीज को खारिज कर शराब की दुकान समेत इन सभी दुकानदारों को बेदखल करने की तैयारी शुरू कर दी है।
शराब की जो दुकान जिला प्रशासन और रक्षा संपदा विभाग के बीच जिद और टकराव की वजह बन गई, वह बीआई बाजार में 81 नंबर पर दर्ज है और करीब पांच साल पहले यहां खोली गई थी। नियमों के मुताबिक कैंटोनमेंट एरिया में शराब की दुकान खोलने के लिए कैंट बोर्ड की अनुमति अनिवार्य है। मगर प्रशासन ने पहले तो बगैर कैंट बोर्ड की अनुमति लिए बीआई बाजार में शराब की दुकान का आवंटन कर दिया, फिर जब कैंट बोर्ड की मीटिंग में पारित प्रस्ताव के आधार पर जब शराब की दुकान से निर्धारित लाइसेंस शुल्क दिलाने को लिखा-पढ़ी की गई तो उसे भी नकार दिया। यह जगह चूंकि रक्षा संपदा विभाग के प्रबंधन में है, लिहाजा उसकी ओर से तीन साल से लगातार यहां से शराब की दुकान हटाने के लिए प्रशासन को पत्र लिखे जा रहे हैं जबकि दूसरी ओर प्रशासन उनका जवाब दिए बगैर हर साल यहां शराब की दुकान का आवंटन करता आ रहा है।
हाल ही में रक्षा संपदा विभाग ने इस मामले को नाक का सवाल बनाकर शराब की दुकान को हटाने के लिए उसकी तमाम साल पुरानी लीज के दस्तावेज निकालकर जांच शुरू की तो धोखाधड़ी का बड़ा मामला निकलकर सामने आ गया। पता चला कि सिर्फ शराब की दुकान ही नहीं बल्कि उसी लेन में स्थित करीब दर्जन भर और भी दुकानें अवैध रूप से चल रही हैं। सामने वाली दूसरी लेन में भी कई दुकानें अवैध पाई गईं। इसके बाद रक्षा संपदा अधिकारी ने पूरी लीज निरस्त कर इन सभी दुकानदारों को बेदखल करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसकी भनक लगने के बाद दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है। बीआई बाजार में ये दुकानें कई दशकों से चल रही हैं।
मेजर को दी गई थी लीज, बेचकर चलते बने
दुकान नंबर 81 की लीज खत्म होने की मियाद वैसे तो 31 मई 2021 है, लेकिन रक्षा संपदा विभाग में जब लीज की शर्तों का पता लगाने के लिए पुराने दस्तावेजों की जांच की गई तो पता लगा कि यह लीज मेजर एसए मादरा को दी गई थी, लेकिन उन्होंने कुछ समय बाद ही इस जमीन को अवैध रूप से चार लोगों को बेच दिया और चलते बने। रक्षा संपदा विभाग को भी इसकी भनक नहीं लग पाई और यहां अवैध दुकानें बनाकर खड़ी कर दी गईं। लीज की शर्तों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद रक्षा संपदा विभाग ने अब लीज निरस्त कर सिर्फ शराब की दुकान ही नहीं बल्कि सभी दुकानों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
अवैध निर्माण, अतिक्रमण और कब्जे के लेन-देन का आरोप
बीआई बाजार में दो और दुकान निशाने पर हैं। एक 113 नंबर की दुकान इसी सर्वे नंबर और दूसरी दुकान नंबर 80 सर्वे नंबर 131 में शामिल है जिनकी लीज 19 मई 2021 को पूरी होनी है। इन लीज धारकों पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण और दुकानों पर बगैर अनुमति के दूसरे लोगों को कब्जेदार बनाने जैसी लीज की शर्तों का उल्लंघन के आरोप तय किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक इन लीज धारकों को चेतावनी भी जारी की जा चुकी है, जिसका उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस पर रक्षा संपदा अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने लीज निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की है।