बरेली। ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक बार फिर से सख्ती शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्थानीय निकाय, बीडीए और आवास विकास परिषद के क्षेत्र को कई श्रेणी में बांटते हुए उनमें दिन और रात में डेसीबल के मानक तय कर दिए हैं।
शांति परिक्षेत्र में सभी अस्पताल, शैक्षिक संस्थाएं, न्यायालय और धार्मिक स्थल के चारों तरफ 100 मीटर के दायरे को शामिल किया गया है। इन जगहों पर संबंधित संस्थाएं अपने भवन के बाहर शांत क्षेत्र का बोर्ड लगाएंगी। यहां दिन के समय में 50 और रात में 40 डेसीबल ध्वनि की सीमा निर्धारित की गई है। इसी तरह आवासीय क्षेत्र में बीडीए, शहर के मास्टर प्लान में दर्शाए गए समस्त आवासीय क्षेत्र, आवास विकास परिषद की सभी आवासीय योजनाओं के साथ शहर और ग्रामीण के रिहायशी इलाकों को शामिल किया गया है। यहां के लिए दिन में 55 डेसीबल और रात में 45 डेसीबल ध्वनि की अधिकतम सीमा तय कर दी गई है। इन्हीं जगहों के वाणिज्यिक क्षेत्रों में दिन में ध्वनि की सीमा 65 डेसीबल और 55 डेसीबल निर्धारित कर दी गई है, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों में दिन में 75 डेसीबल और रात में 70 डेसीबल ध्वनि प्रदूषण से ज्यादा पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया गया है। डीएम की तरफ से इसे लेकर संबंधित अधिकारियों को आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
शांत क्षेत्र में ढोल बजाने, गाना-बजाने पर भी लगाया प्रतिबंध
शांत क्षेत्र में ढोल बजाना, संगीत, गाना-बजाना, हॉर्न बजाने आदि पर रोक लगा दी गई है। आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के आदेश डीएम ने दिए हैं। दिन और रात के समय को लेकर भी यह स्पष्ट किया गया है कि दिन का समय सुबह छह से रात 10 बजे तक और रात का समय 10 बजे से सुबह छह बजे तक रहेगा। सभी जगहों पर रात 10 से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर के प्रयोग पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।