ढाई माह पहले बेटी सना चौधरी की हत्या के बाद दरोगा भोंदे खान उर्फ मेहरबान की भी हत्या कर दी गई। उनका शव रविवार सुबह एमजनई जलालनगर में नाले में पड़ा मिला। पास में उनकी बाइक पड़ी थी।
सूचना मिलने पर प्रभारी एसपी-एएसपी ग्रामीण, एएसपी सिटी और सीओ सदर ने मौका मुआयना किया। फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाने को फिंगर प्रिंट लिए। पुलिस ने शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया। पीएम रिपोर्ट में सिर में दाहिनी तरफ गुम चोट और गले में निशान मिले हैं, जो हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।
मूल रूप से जिला मुजफ्फरनगर की तहसील बुढ़ाना के थाना शाहपुर क्षेत्र के गांव कसेरवा निवासी भोंदे खान उर्फ मेहरबान (55) वर्ष 2007 से यहां जिले में वायरलेस सेट पर बतौर उपनिरीक्षक तैनात थे। वह यहां थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला एमनजई जलालनगर में सईद के मकान में किराए पर परिवार के साथ रहते थे। दामाद अनीस ने पुलिस को बताया कि शनिवार दोपहर डेढ़ बजे वह घर से ड्यूटी जाने की बात कहकर बाइक से निकले थे। शाम 7:30 बजे तक जब नहीं लौटे तो उनके मोबाइल पर कॉल की गई लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला। रविवार सुबह मोहल्ले के ही दो लोगों ने भोंदे खान का शव नाले में पड़ा देखा तो पुलिस को सूचना दी।