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खाद से भरी मालगाड़ी डिरेल, दो घंटे ठप रही अप लाइन

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खाद से भरी मालगाड़ी डिरेल, दो घंटे ठप रही अप लाइन
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मेन से लाइन नंबर आठ पर जाते वक्त दो डिब्बे पटरी से उतरे
गेट नंबर 216 के पास हादसा, जांच करेगी ज्वाइंट कमेटी
फोटो-26,27
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। रोजा यार्ड में रविवार सुबह खाद से भरी मालगाड़ी रुद्रपुर स्पेशल डिरेल हो गई। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। 40 वैगन की मालगाड़ी के दो वैगन पटरी से उतर गए। सूचना पर हड़कंप मच गया। हादसा सुबह करीब 9:30 बजे हुआ। इसके चलते दो घंटे तक अप लाइन पर रेलगाड़ियों का संचालन बंद रहा। कई प्रमुख रेलगाड़ियों को रास्ते में रोक दिया गया। 11:30 पर ट्रैक क्लियर होने के बाद अप लाइन चालू हो सकी। मामले में जांच के लिए ज्वाइंट कमेटी बनाई गई है।
रविवार सुबह करीब 9:30 बजे खाद से भरी 40 डिब्बों की मालगाड़ी रुद्रपुर स्पेशल को रोजा यार्ड में मेन लाइन से लाइन नंबर आठ पर ले जाया जा रहा था। मालगाड़ी गेट नंबर 216 के प्वाइंट नंबर 205 से गुजर रही थी। इसी दौरान जोरदार झटका लगा और वैगन नंबर डब्ल्यूआर-300898, सीआर-300189 पटरी से उतर गए। 40 डिब्बों की मालगाड़ी का 24 और 25 वां वैगन पटरी से उतरते ही पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लेकर ट्रेन को रोका। हादसे के बारे में सूचना मिलने पर हड़कंप मच गया। तुरंत ही दुर्घटना राहत ट्रेन को मौके पर रवाना किया गया। एसएस जेपी सिंह, सीएनडब्ल्यू आरपी सिंह, लोको इंस्पेक्टर प्रेम कुमार, सरोज मीणा, पीडब्ल्यूआई पीके श्रीवास्तव, सेक्शन इंजीनियर अनिल कुमार, सिग्नल विभाग के विद्यार्थी कुमार भी मौके पर पहुंच गए।
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दुर्घटना स्थल अप लाइन के पास होने की वजह से एहतियात के तौर पर अप लाइन पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया। डाउन लाइन पर भी कॉशन के साथ ट्रेनों को गुजारा गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद 11:30 बजे लाइन क्लियर होने के बाद अप लाइन पर संचालन शुरू हो सका। इस दौरान आधा दर्जन से ज्यादा रेलगाड़ियों को रास्ते में रोक दिया गया। मामले में जांच के लिए ज्वाइंट कमेटी गठित की गई है।
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चार महीने में सातवां रेल हादसा, उठ रहे कई सवाल
जांच, कार्रवाई के नाम पर बना दी जाती है ज्वाइंट कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। रेलवे का स्लोगन है सुरक्षा, संरक्षा और समयबद्धता, लेकिन व्यवस्था की कसौटी पर रेलवे का यह स्लोगन खरा नहीं उतर रहा। सुरक्षा के दावों की पोल आए दिन खुलती रहती है। रही बात संरक्षा और समयबद्धता की तो यह भी सभी के सामने है। ज्यादातर रेलगाड़ियों का महीनों से टाइम टेबल बिगड़ा हुआ है। हादसों की बात करें तो चार महीने में रविवार को डिरेलमेंट का यह सातवां मामला है। कार्रवाई और जांच के नाम पर हर बार ज्वाइंट कमेटी बना दी जाती है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है।
रोजा यार्ड में 16 फरवरी को इंजन पटरी से उतर गया था। इसके तीसरे दिन 19 फरवरी को चावल से भरी मालगाड़ी के दो वैगन पटरी से उतर गए थे। तीन अप्रैल को प्वाइंट नंबर 27 पर ट्रेन डिरेल हो गई। इसके बाद 15 अप्रैल को दुर्घटना राहत ट्रेन का इंजन पटरी से उतर गया। 23 अप्रैल को एक ही ट्रैक पर दो रेलगाड़ियां आ गई थीं। समय रहते लोको पायलट ने ट्रेन को रोक लिया नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। एक महीने पहले 23 मई को अप लाइन के पास संटिंग के दौरान मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। चार महीने के हादसों पर गौर करें तो रविवार सुबह डिरेलेंट का यह आठवां मामला है। इस मामले की जांच के लिए भी ज्वाइंट कमेटी बना दी गई है।
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राजधानी समेत कई रेलगाड़ियां रास्ते में रोकी गईं
शाहजहांपुर।
मालगाड़ी डिरेल होने की वजह से अप लापइ पर करीब दो घंटे तक रेलगाडिय़ों का संचालन बंद रहा। इस दौरान अप लाइन की राजधानी एक्सप्रेस समेत आधा दर्जन रेलगाड़ियों को रास्ते में रोकना पड़ा। अप-12435 राजधानी एक्सप्रेस को रामप्रसाद बिस्मिल स्टेशन पर खड़ा दिया गया। अप-14307 प्रयाग-बरेली एक्सप्रेस, अप-15903 डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, अप-12369 कुंभ एक्सप्रेस, अप-14673 शहीद एक्सप्रेस, अप-14003 मालदा-नई दिल्ली एक्सप्रेस को भी रास्ते में रोक दिया गया। इस दौरान यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रामप्रसाद बिस्मिल स्टेशन पर यात्रियों ने हंगामा भी कर दिया। लाइन क्लियर होने के बाद इन ट्रेनों को आगे रवाना किया गया। स्टेशन अधीक्षक ओमशिव अवस्थी ने बताया कि डिरेलमेंट का आधा दर्जन से ज्यादा रेलगाड़ियों पर असर हुआ है।
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