रिजर्व बैंक ने रेपो दर कम करने की घोषणा कर दी है, इससे होम और कार लोन लेने वालों की मासिक किश्तें कम हो जाएंगी। इसकी खबर मिलने पर तमाम लोग बैंकोें पर पहुंचे और प्रस्तावित लाभ की जानकारी ली। हालांकि कार और लोन लेने वाले ज्यादातर कर्जदार इस फैसले से खुश दिख रहे हैं, तो कुछ इसे नाकाफी बता रहे हैं।
रेपो दर कम होने पर आरबीआई इसी माह ईएमआई (मासिक किश्त) में कटौती कर देगा। मकान और कार लोन लेने वालों ने अपने-अपने तरह से प्रतिक्रियाएं जताई हैं। कर्ज लेने वालों ने कहा है कि इस फैसले से उनका आर्थिक बोझ कुछ कम ही होगा। सस्ता लोन होने से जरूरतमंद लाभांवित हाेंगे। उधर, बैंक प्रबंधन ने इसे सावन और रक्षाबंधन पर उपहार बताया है, हालांकि ईएमआई कम होने संबंधी अभी तक कोई आदेश बैंकों में नहीं आया हैं।
बैंकों में भीड़
ईएमआई (मासिक किश्त) में कम होने की खबर प्रकाशित होने पर गुरुवार सुबह से तमाम लोग जानकारी लेने बैंकों में पहुंचने लगे। पशुपति विहार निवासी रेनू ने भी बैंक से कार लोन लिया है। रेपो दर घटने के बाद मासिक किश्त कम होने की जानकारी लेने बैंक पहुुंचीं। एसबीआई मुख्य प्रबंधक सुनील शर्मा ने बताया कि अभी कोई आदेश नहीं आया है। इसी तरह ओबीसी, बड़ौदा बैंक, पीएनबी, एचडीएफसी, एक्सिस, यूनियन बैंक आदि ब्रांचों में जानकारी लेने वालों का तांता लगा रहा। तमाम लोगों ने फोन पर ही जिज्ञासा पूरी कर ली। बैंक में राम बाबू और पंकज शर्मा आदि ने बताया कि यह छोटी बचत ना काफी होगी।
बैंक लोन की मासिक किश्तें कम होने से घरेलू बजट कम प्रभावित होगा। इस छोटी सी बचत से कई काम चलेंगे। यह एक बेहतर कदम है।
- रंजीत त्रिपाठी, होम लोन
उपहार छोटा हो या बड़ा, जो देता है खुशी से ही देता है। ईएमआई कम होने की कवायद से कुछ तो फायदा होगा।
- संदीप जौहरी, होम लोन
कार लोन पर मासिक किश्त कम होने से हजारों लोग फायदे में आएंगे। साथ ही जिन पर कर्ज है उन्हें राहत मिली है।
- स्वप्निल सक्सेना, कार लोन
आरबीआई द्वारा मासिक किश्त कम करने की कवायद से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। इससे कर्ज लेने वाले और आगे आएंगे।
- विनीत सोनू, कार लोन
जिले में लोन की स्थिति
मद लाभार्थी रुपये/ करोड़
कार 35,535 945.90
घर 2537 357.50
यह होता है रेपो रेट
रोजमर्रा के कामकाज के लिए बैंकों को भी बड़ी-बड़ी रकमों की जरूरत पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में उनके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से ऋण लेना आसान विकल्प होता है, इस तरह के ओवरनाइट ऋण पर रिजर्व बैंक जिस दर से उनसे ब्याज वसूल करता है, उसे रेपो रेट कहते हैं।
ब्याज दर कम हुई है पर अच्छी सिबिल वालों के लिए
लोन देते वक्त बैंकों के लिए एक अहम मापदंड होता है सिबिल स्कोर। सिबिल यानी क्रेडिट इनफार्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड आपके क्रेडिट कार्ड और लोन के भुगतान का रिकॉर्ड रखती है। यहां जान लें कि अगर आपकी कोई भी मासिक किश्त टूटती है तो आपकी सिबिल रिपोर्ट खराब हो जाती है, ऐसी स्थिति में आपको मिलने वाले लोन का ब्याज जरूरी नहीं है कि रेग्युलर किश्तें जमा करने वाले व्यक्ति के बराबर हो। सिबिल स्कोर 300 से 900 तक होते हैं। स्कोर 900 के जितने करीब होता है उतना अच्छा माना जाता है। आप अपना क्रेडिट स्कोर ऑनलाइन भी जान सकते हैं। सिबिल की वेबसाइट पर जाकर आप अपनी छह महीने और तीन महीने की क्रेडिट रिपोर्ट और सिबिल स्कोर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रिपोर्ट पाने के लिए भुगतान भी ऑनलाइन ही करना होता है। लोन के लिए अच्छे सिबिल स्कोर का काफी महत्व होता है।
-अख्तर अंसारी, शाखा प्रबंधक, एलआईसी एचएफएल