मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुसुम लता राठौर ने शैक्षिक प्रमाण पत्रों के संबंध में दिए गए साक्ष्य और मेडिकल में कि शोरी को बालिग पाया और उसे उसकी इच्छा पर जाने को स्वतंत्र कर दिया। किशोरी उज्जमा बी ने अपने पति के घर जाने की इच्छा जताई जिस पर उसे पुलिस फोर्स के साथ थाना देवरनिया के कस्बा रिछा के मोहल्ला कानून गोयान स्थित तस्लीम के घर भेज दिया।
कस्बा रिछा के फहीम खां ने 12 मई को थाना देवरनिया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी 14 वर्षीय पुत्री उज्जमां बी पर मोहल्ला का ही तस्लीम बुरी नजर रखता था और शिकायत करने पर रंजिश मानने लगा। फहीम खां जब काम से बाहर गए थे तभी 11 मई की सुबह सात बजे तस्लीम, हसीन व मो. उमर पुत्रगण रहीस अहमद, रहीस अहमद, अनीस बेगम उर्फ जैबुन्निशा पत्नी रहीस अहमद हाथों में लाठी डंडे व तमंचे लेकर आए और उज्जमां बी को उठा ले गए। बाद में तस्लीम पक्ष किशोरी को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा और वहां कहा कि उज्जमां बी बालिग है और उसने स्वेच्छा से निकाह किया है। सीजेएम ने किशोरी को बालिग घोषित करते हुए उसकी इच्छा पर तस्लीम के घर सुरक्षा में भेजने का आदेश दिया।