बरेली। 29.81 लाख रुपये जमा करने के बावजूद आवंटी को भूखंड पर कब्जा नहीं मिल सका। भूखंड न तो फ्री होल्ड हो सका, न ही उसकी रजिस्ट्री कराई गई। बृहस्पतिवार को प्राधिकरण दिवस में मामला उठा तो बीडीए उपाध्यक्ष ने 30 दिनों में इसके निस्तारण का आश्वासन दिया है।
प्रत्येक माह के तीसरे बृहस्पतिवार को प्राधिकरण दिवस का आयोजन किया जाता है। इसमें फरियाद लेकर पहुंचे कर्मचारीनगर निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हरिशरण यादव ने बताया कि उन्होंने रामगंगा नगर के सेक्टर सात में बेटे अजय यादव के नाम 112.50 वर्गमीटर का भूखंड खरीदा था। 29.81 लाख रुपये जमा कर चुके हैं, पर ढाई साल से कब्जा नहीं मिल पा रहा है। मई में उन्होंने बीडीए कार्यालय में प्रार्थनापत्र दिया था। सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने प्राधिकरण दिवस पर फरियाद की। बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए ने 30 दिन में समाधान कराने का आश्वासन दिया है। कराएंगे।
सेक्टर सात के एलाइनमेंट में बदलाव हुआ है। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा कि अजय यादव को आवंटित भूखंड मिल सकता है या फिर उसी सेक्टर में दूसरा भूखंड आवंटित किया जाए। अगर किसी को कोई दिक्कत है तो किसी भी कार्य दिवस में मिल सकते हैं। प्राधिकरण दिवस का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। - मनिकंडन ए, उपाध्यक्ष, बीडीए
नहीं बनाई चहारदीवारी, पानी का भी इंतजाम नहीं
रामगंगनागर सेक्टर एक : नवदीप ने दो कमरे के मकान की रजिस्ट्री कराई। परिवार के साथ रहना भी शुरू कर दिया, लेकिन पानी की आपूर्ति के लिए कनेक्शन नहीं जोड़ा गया। लिखित शिकायत के बाद भी इसका निस्तारण नहीं किया गया। यहां चहारदीवारी भी नहीं बनाई गई। परिसर में जगह-जगह छुट्टा पशु घूमते रहते हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। डस्टबिन भी नहीं रखे गए हैं। बीडीए वीसी ने जेई को पानी की आपूर्ति का कनेक्शन जुड़वाने, डस्टबिन रखवाने और नियमित सफाई कराने के आदेश दिए।
नहीं हुए बिजली और सीवर कनेक्शन
रामगंगानगर सेक्टर दो :
अमरीश कुमार ने गंगा एन्क्लेव में भूखंड खरीदा। मकान का निर्माण शुरू करा दिया। अप्रैल में आवेदन के बाद भी सीवर का कनेक्शन नहीं जोड़ा गया। दस दिन में कनेक्शन कराने का आश्वासन मिला था, पर जेई टालते रहे। बिजली कनेक्शन भी नहीं हो सका। अमरीश ने 23 नवंबर को इसकी शिकायत की थी, लेकिन समाधान नहीं हो सका। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने उनका आवेदन निरस्त किया है। वीसी ने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। अमर उजाला ब्यूरो