बरेली में औषधि निरीक्षक ने शुक्रवार को दो मेडिकल फर्मों पर छापा मारा। जांच के बाद औषधि निरीक्षक ने बताया कि पवन फार्मास्युटिकल्स से 289 बोतल कोडीन युक्त कफ सिरप और नारकोटिक्स दवाओं का जखीरा मिला। कई दवाओं के नमूने लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
बरेली में पवन फार्मास्युटिकल्स की दोनों फर्मों पर औषधि निरीक्षक ने शुक्रवार को गली नवाबान स्थित फर्म एक्सट्रीम हेल्थ सॉल्यूशन और मॉडल टाउन स्थित पवन फार्मास्युटिकल्स पर छापा मारा। औषधि निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि पवन फार्मास्युटिकल्स से 289 बोतल कोडीन युक्त कफ सिरप और नारकोटिक्स दवाओं का जखीरा मिला। 12 बोतलों में मौजूद कोडीन युक्त कफ सिरप (बैच संख्या टीबी-वाई 0298) के सैंपल लिए गए हैं। 11 बोतलों में बैच संख्या टीबी-वाई 0251 का कफ सिरप मिला। औषधि निरीक्षक ने इनमें मिलावट व दुरुपयोग की आशंका जताई है।
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औषधि निरीक्षक के मुताबिक, दवाओं की गुणवत्ता जांचने के लिए 23 नमूने लेकर वाराणसी स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं। औषधि विक्रय लाइसेंस एवं भंडारित एलोपैथिक दवाओं के क्रय-विक्रय अभिलेख भी देखे गए। दो वर्ष के क्रय-विक्रय के अभिलेख भी मांगे गए हैं। कार्रवाई के दौरान फर्म के स्वामी पवन कोहली भी मौजूद रहे। दोनों फर्म उन्हीं की हैं, लेकिन लाइसेंस अलग-अलग हैं। एक्सट्रीम हेल्थ सॉल्यूशन से भी तीन दवाओं के नमूने लिए गए।
कार्रवाई से दवा विक्रेताओं में मची रही खलबली
राजेश कुमार ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए सहायक आयुक्त को भेजी जा रही है। फर्म स्वामी को हिदायत दी है कि जब तक दो वर्ष की खरीद-बिक्री के अभिलेख उपलब्ध नहीं करा देते, तब तक नारकोटिक्स दवाओं और कोडीन युक्त कफ सिरप की बिक्री पर रोक रहेगी। इस कार्रवाई से गली नवाबान के अन्य दवा विक्रेताओं में भी खलबली मची रही। कई शटर गिराकर मौके से खिसक गए। कालपाल टी के 59 पत्ते मिले। इनकी बिक्री भी रोकी गई है। इन दवाओं की कीमत 45 हजार रुपये बताई गई है।
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सहायक आयुक्त (औषधि) के संदीप कुमार ने बताया कि पवन फार्मास्युटिकल्स से 289 बोतलों में कोडीन युक्त कफ सिरप मिली है। अगर फर्म संचालक ने दो साल की खरीद-बिक्री के दस्तावेज नहीं दिए या नियम के अनुरूप खरीद-बिक्री नहीं पाई गई तो एफआईआर कराएंगे। सैंपल की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर भी कार्रवाई करेंगे।