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UP Madrasa Act: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बरेली के 27000 विद्यार्थियों को मिलेगी राहत, उलमा ने जताई खुशी

Wed, 06 Nov 2024 03:34 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

मदरसा बोर्ड एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मुस्लिम संगठनों व उलमा ने स्वागत किया है। कहा है कि इस फैसले से बरेली जिले के 417 मदरसों में पढ़ने वाले 27000 विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।
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मदरसा के बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मदरसा एक्ट पर उच्च न्यायालय के फैसले का इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छा और सही फैसला है। मुल्क की सरकारें मुसलमानों के खिलाफ दुश्मनी पर आमादा है। ऐसे में हमारे पास न्यायपालिका ही है जिस पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन इधर यह भी देखने में आया है कि कुछ जजों ने अपने फैसले में सरकार के दबाव में अपनी सांप्रदायिकता को जाहिर किया या कर रहे हैं। यह गंभीर विषय है इस पर भी उच्च न्यायालय को संज्ञान लेना चाहिए।

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'कानून के प्रति विश्वास बढ़ेगा'
दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान ने सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि चीफ जस्टिस व बेंच के सभी जजों ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए फैसला दिया है। इससे अल्पसंख्यकों में कानून के प्रति विश्वास बढ़ेगा और शिक्षा पर अधिक जोर दिया जाएगा। बरेली मरकज के उलमा ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस फैसले से उत्तर प्रदेश के 16000 से अधिक मदरसों में पढ़ने वाले 17 लाख छात्रों को राहत मिली है।

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फैसले से लाखों लोगों को मिली खुशी 
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लाखों छात्र-छात्राओं और हजारों शिक्षकों को खुशी हासिल हुई है। नबीरा-ए-आला हजरत व ऑल इंडिया रजा एक्शन कमेटी (आरएसी) के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अब्दुल्लाह रजा कादरी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा कानून की संवैधानिक वैधता बरकरार रखकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अच्छा फैसला किया है। बरेली हज सेवा समिति के पम्मी खान वारसी ने मदरसे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।

दिलों में नफरत डालना चिंता का विषय : मौलाना तौकीर
मदरसों पर फंडिंग होने के आरोप पर मौलाना ने कहा कि मदरसे शिक्षा दे रहे यह अलग बात है, लेकिन यह यतीमखानों की तरह है जहां चंदा कर इनको चलाया जाता है। केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकारों की तरफ से मुसलमानों के खिलाफ सांप्रदायिकता फैलाई जा रही है। हमारे खिलाफ हमारे हिंदुस्तानी भाइयों के दिलों में नफरत डाली जा रही है यह देश के लिए बहुत चिंता की बात है। 
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मौलाना तौकीर ने यह बात मदरसे के संबंध में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया के क्रम में कही है। कटेंगे तो बांटेंगे या फिर न करेंगे न बंटेंगे पर उन्होंने कहा यह सब चुनावों के लिए हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक बनो, नेक बनो, हिंदुस्तान के संविधान की हिफाजत करो... यह सभी की जिम्मेदारी है। 
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