फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक गलती और लगा लाशों का ढेर: सात की जगह वैन में थे 26 बच्चे, गोद में भी बच्चे को बैठाकर गाड़ी चला रहा था चालक

Tue, 31 Oct 2023 10:12 AM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, उसावां (बदायूं)

सार

हादसे के वक्त चालक ने अपने बच्चे को खुद की गोद में बैठा रखा था। इस कारण से वैन अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई। बस चालक ने गड्ढा देखकर बचने की कोशिश की, वरना बस भी पलट सकती थी।
विज्ञापन
Budaun Accident - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदायूं के उसावां में असधरमई और गौंतरा के बीच हुए हादसे की बड़ी वजह ओवरलोडिंग और गोद में बच्चे को बैठाकर वैन चलना रही। वहीं दूसरी वजह सड़क किनारे गहरा गड्ढा था। वैन में क्षमता से अधिक 26 बच्चे बैठे थे। चालक ने अपने बच्चे को खुद की गोद में बैठा रखा था। इस कारण से वैन अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई। बस चालक ने गड्ढा देखकर बचने की कोशिश की, वरना बस भी पलट सकती थी।

विज्ञापन

दोनों स्कूली वाहन मोड़ पर टकराए थे। पुलिस और प्रशासन अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य रूप से दो वजह सामने आई हैं। घटनास्थल पर जो मोड़ है, वहां आमने-सामने से आते वाहन दिखाई नहीं देते। मोड़ के अंदर साइड में सड़क किनारे काफी गहरा गड्ढा है। उसी गड्ढे के नीचे खाई है। अनुमान है कि जब बस गौंतरा की ओर से असधरमई गांव की ओर जा रही थी तब चालक को सड़क किनारे गड्ढा दिखाई दिया होगा। 

चालक ने गड्ढे से वाहन को बचाने की कोशिश की तभी अचानक सामने से वैन आ गई। उसकी रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक वैन को बस से बचा भी नहीं पाया। हालांकि वैन चालक की साइड में काफी जगह थी। अगर रफ्तार धीमी होती तो शायद वह आराम से वैन को वहां से निकाल सकता था। वहीं बस का थोड़ा ही पहिया गड्ढे में जाने से बच गया। अगर पहिया गड्ढे में चला जाता तो बस भी पलट जाती।

उस वक्त बस में चार-पांच छात्र-छात्राएं सवार थीं। यह बस अन्य बच्चों को लेने असधरमई की ओर जा रही थी। जबकि वैन आसपास के गांव से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। उसमें ही सबसे ज्यादा बच्चे बैठे थे। जबकि वैन सिर्फ सात सवारियों के लिए ही मान्य है।

हादसे की जांच को तीन सदस्यीय कमेटी गठित
जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें जिला राजस्व अधिकारी को अध्यक्ष, डीआईओएस और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को सदस्य बनाया गया है। उन्हें जांच के लिए सात दिन का समय दिया गया है। इस दौरान वह जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। डीएम मनोज कुमार ने बताया कि यह हादसा वास्तव में काफी गंभीर है। वैन में छोटे-छोटे बच्चे सवार थे। यह हादसा कैसे हुआ और इसके क्या कारण रहे, इसकी जांच होना जरूरी है। जिला राजस्व अधिकारी के निर्देशन में पूरी जांच संपन्न होगी। जांच में जो सच्चाई सामने आएगी। फिर उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

फोरेंसिक टीम ने मौके पर जुटाए साक्ष्य
हादसे के बाद पुलिस की फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। इस टीम ने मौके से तमाम साक्ष्य जुटाए हैं। टीम में शामिल पुलिसकर्मियों ने सड़क की चौड़ाई कितनी थी। बस के पहिये कहां पर थे और वैन किस एंगल पर गौंतरा की ओर से आ रही थी, इन सभी बिंदुओं पर जांच की। सड़क पर बस के पहियों के रगड़ के निशान भी मिले हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि बस चालक ने वैन को देखकर ब्रेक भी लगाए थे लेकिन तब तक वैन और बस की भिड़ंत हो गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें