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उड़ीसा के नारियलों के नीचे निकले गांजे के 250 पैकेट, तीनों आरोपी भेजे जेल

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पकड़े गए आरोपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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मेरठ एसटीएफ और प्रेमनगर पुलिस ने किया गुडवर्क, एसपी सिटी ने किया खुलासा
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लखनऊ से एनसीबी अधिकारी बुलाए, लखनऊ में ही दर्ज होगी रिपोर्ट, प्रेमनगर पुलिस अपने थाने का डाल बैठी थी क्राइम नंबर

बरेली। नारकोटिक्स ब्यूरो लखनऊ की सूचना पर मेरठ एसटीएफ व प्रेमनगर पुलिस ने बीती रात नारियल भरे एक ट्रक में नीचे दबा गांजा बरामद किया था। देर रात तक माल उतारा गया तो गांजे के 250 पैकेट नीचे दबे मिले। शनिवार को प्रेसवार्ता के बाद तीन आरोपी जेल भेज दिए गए। एनसीबी के अधिकारी भी बरेली बुला लिए गए, रिपोर्ट लखनऊ में ही दर्ज की जाएगी। इससे पहले गफलत में प्रेमनगर पुलिस रिपोर्ट दर्ज करते हुए अपने थाने का क्राइम नंबर डाल बैठी थी। इसे लेकर खासी फजीहत झेलनी पड़ी।
शुक्रवार रात एनसीबी लखनऊ के एक वरिष्ठ अधिकारी पंकज दुबे की सूचना पर मेरठ एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार व उनकी पांच सदस्यीय टीम ने प्रेमनगर इंस्पेक्टर अवनीश यादव के साथ मिलकर उड़ीसा आ रहे ट्रक को पकड़ा था। ट्रक में ऊपर पानी वाले नारियल थे तो नीचे गांजे के बोरे भरे थे। पुलिस ने तस्कर ट्रक ड्राइवर संजय नगर गुसाई गौंटिया निवासी मयंक श्रीवास्तव व अंकुर मिश्रा के साथ हेल्पर के तौर पर कोतवाली के आजम नगर ताड़ीखाना निवासी सूरजपाल को गिरफ्तार किया था। नारियल भरे ट्रक में पांच क्विंटल गांजा बरामद हुआ था। एसपी सिटी रविंद्र रविंद्र कुमार ने शनिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर जानकारी दी कि बरामद माल लाखों रुपये का है। यह कार्रवाई एनसीबी लखनऊ की सूचना पर की गई थी। बताया कि आरोपी अंकुर मूल रुप से पीलीभीत बीसलपुर का रहने वाला है जो इस माल को रिसीव करता। पुलिस ने गांजा और ट्रक के साथ ही अंकुर के पास से एक बाइक बरामद की है। शनिवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया। पुलिस ने इनसे पूछताछ में जिले के कई हिस्सों में चल रहे नशीले पदार्थों के धंधे की जानकारी जुटाई है। बीसलपुर निवासी चौथे आरोपी रिजवान की भी पुलिस तलाश कर रही है।
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इधर, देर रात हुई कार्रवाई की जानकारी बरेली पुलिस ने लखनऊ एनसीबी को दी। वहां से वरिष्ठ अधिकारी पंकज दुबे अपनी टीम के साथ बरेली आ गए। पूरे दिन रिपोर्ट दर्ज करने को लेकर गफलत बनी रही। इस बीच प्रेमनगर पुलिस ने अपने थाने का क्राइम नंबर भी जारी कर दिया। बाद में उच्चाधिकारियों ने विमर्श किया और तय हुआ कि रिपोर्ट लखनऊ में ही एनसीबी अधिकारियों की ओर से दर्ज की जाएगी। देर रात तक एनसीबी की टीम बरेली में थी। एसपी सिटी ने बताया कि लखनऊ में ही रिपोर्ट होगी और वहीं से विवेचना की जाएगी। प्रेमनगर पुलिस स्थानीय स्तर पर मदद करेगी।

पुलिस ने पीटा तो बोलने लगे हिंदी

पकड़े गए आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए रात में उड़िया भाषा बोल रहे थे। पुलिस शुरू में परेशान हो गई पर जब यह पता लगा कि यह बरेली के निवासी हैं तो इन्हें कमरे में बंद करके खबर ली गई। तब आरोपियों ने बताया कि उड़ीसा में धंधा करने के लिए उन्होंने उड़िया भाषा सीखी थी। इसी के सहारे वह बचना चाहते थे।
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