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Bareilly News: 18 बेड के एसएनसीयू में 22 नवजात भर्ती, संक्रमण का खतरा

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बरेली। जिला महिला चिकित्सालय में जन्मे गंभीर शिशुओं को भर्ती करने के लिए संसाधन कम पड़ रहे हैं। बुधवार को 22 गंभीर नवजात स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती मिले, जबकि वार्मर की संख्या महज 18 है। चार वार्मर पर दो-दो नवजातों का इलाज हो रहा है।
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नियमानुसार एक वार्मर पर एक ही नवजात को रखा जा सकता है। दो नवजात भर्ती करने से संक्रमण की आशंका रहती है। प्रकरण पर सीएमएस का कहना है कि और रेडिएंट वार्मर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यालय को पत्र भेज रहे हैं। अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
वार्मर पर प्री-मेच्योर बेबी, कम वजन वाले कमजोर बच्चे, आरडीएस डिजीज, पीलिया, सांस लेने में समस्या, मेटाबोलिक डिजीज, वंशानुगत बीमारियां, दूध न पीना, हृदय संबंधी समस्या और देर से रोने वाले नवजात को इसमें रखा जाता है। जहां जरूरी पोषण और इलाज होता है।
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महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक एसएनसीयू में बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिले से भी रेफर हुए बच्चे भर्ती किए जाते हैं। वार्मर कम पड़ने पर परिजन की संस्तुति के बाद ही दो नवजात भर्ती करते हैं।

300 बेड अस्पताल के पीकू वार्ड में ताला
300 बेड अस्पताल में 40 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बना है। विशेषज्ञ चिकित्सक के अभाव में वार्ड बनने के बाद ही यहां ताला लगा है। लिहाजा, बेहतर संसाधन धूल फांक रहे हैं।

प्रतिमाह 20-25 नवजात होते हैं भर्ती
महिला अस्पताल में प्रतिमाह करीब तीन सौ प्रसव होते है। इसमें 20 से 25 नवजातों को लाइफ सपोर्ट सिस्टम की जरूरत होती है। जिन्हें एसएनसीयू में रखा जाता है। मृत्युदर हजार जन्मे बच्चों पर 78 है। अमर उजाला ब्यूरो
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