बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग की नौकरी करते हुए बिल्डर बने एक मास्टर के खिलाफ बीडीए ने अवैध कॉलोनियां बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करा दी है। बरेली कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष रह चुके ये ‘मास्साब’ सपा की राजनीति करने के साथ कई लोगों की पार्टनरशिप में सौ फुटा रोड और पीलीभीत बाईपास के आसपास प्रापर्टी का कारोबार कर रहे हैं। सौ फुटा रोड पर बतौर बिल्डर मास्साब ने अपना ऑफिस भी खोल रखा है। इसमें कई लोग पार्टनरशिप में लंबे समय से प्रापर्टी का अवैध कारोबार कर रहे हैं।
बेसिक स्कूल में तैनात मास्टर भूपेंद्र कुर्मी और उसके पार्टनर विनोद कुमार पचौरी पर विष्णुधाम कॉलोनी के पीछे बीडीए से बगैर ले आउट पास कराए अनधिकृत कालोनी विकसित करने का आरोप है। बीडीए के अवर अभियंता ने इज्जतनगर थाना प्रभारी को दी तहरीर में कहा है कि विष्णुधाम कॉलोनी के पीछे प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना भूपेंद्र कुर्मी और विनोद कुमार पचौरी ने अवैध कॉलोनी विकसित कर बीडीए को लाखों के राजस्व का नुकसान पहुंचाया है। इस कॉलोनी को बीडीए के इंजीनियरों ने नौ जनवरी 2019 को सील भी किया था लेकिन प्रापर्टी कारोबारियों ने सील तोड़कर दोबारा निर्माण शुरू कर दिया जो अब तक चल रहा है। हालांकि सूत्रों के अनुसार बेसिक स्कूल के मास्टर और उसके पार्टनरों ने सील होने के कुछ दिन बाद बीडीए इंजीनियरों की सांठगांठ से ही दोबारा निर्माण शुरू किया था, इसके बाद इंजीनियरों ने सील किए गए निर्माण को दोबारा चेक करने की जहमत भी नहीं उठाई और उन्हें अवैध निर्माण को पूरा करने का मौका दे दिया। बताया जाता है कि इन प्रापर्टी कारोबारियों के पीलीभीत बाईपास स्थित शॉपिंग मॉल के पीछे और बड़ा बाईपास रोड पर बड़ी संख्या में अवैध निर्माण चल रहे हैं, लेकिन इंजीनियर उन इलाकों की ओर झांकने तक नहीं जाते। शहर के अधिकांश अवैध कारोबारियों को जानबूझकर अनदेखा कर दिया गया है।