बरेली। बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) की सालाना परीक्षाएं कराने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में जमकर हंगामा किया। परीक्षा नियंत्रक का घेराव कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप भी लगाया। गुस्साए विद्यार्थियों ने कहा कि बीपीएड दो साल का कोर्स है, जबकि विश्वविद्यालय की लापरवाही से यह कोर्स चाल-पांच साल में भी पूरा होना मुश्किल हो रहा है। परीक्षा नियंत्रक ने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान निकाला जाएगा। इसके बाद जल्द ही परीक्षाएं कराई जाएंगी।
बीपीएड कोर्स को लेकर विश्वविद्यालय में शुरू से ही उठापटक चल रही है। पहले फर्जी सर्टिफिकेट से एडमिशन और फिर रिजल्ट रोकने के मामले ने तूल पकड़ा। दो समितियां जांच भी कर चुकी हैं। सत्र 2015-16 की बीपीएड प्रथम वर्ष की परीक्षा हो चुकी है, लेकिन फाइनल की परीक्षा नहीं कराई गई। 2016-18 की प्रथम वर्ष की परीक्षा हो चुकी है। पेच फंस रहा है इम्प्रूवमेंट परीक्षा को लेकर। विश्वविद्यालय पहले इम्प्रूवमेंट परीक्षा कराना चाहता है फिर वार्षिक परीक्षा। ऐसा इसलिए ताकि फेल विद्यार्थियों को इम्प्रूवमेंट के जरिए फाइनल की परीक्षा में बैठने का मौका मिल जाए। सत्र 2017-19 की प्रथम वर्ष की परीक्षा अब तक नहीं हुई है। छात्रों की मंशा है कि इस बैच की परीक्षा स्नातक और परास्नातक मुख्य परीक्षाओं के साथ कराई जाए। वहीं, पिछले सत्रों के विद्यार्थी भी मुख्य परीक्षाएं कराने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को इन्हीं मांगों को लेकर सपा यूथ ब्रिगेड और सछास के छात्रनेताओं के साथ विद्यार्थी परीक्षा नियंत्रक का घेराव करने पहुंचे और जमकर हंगामा किया। परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार ने बताया कि पहले इम्प्रूवमेंट की परीक्षाएं कराई जाएंगी इसके बाद ही मुख्य परीक्षाएं होंगी। प्रदर्शन में फैज मोहम्मद, हृदयेश याद, गजेंद्र सिंह, यूनिस, समर चौहान, मोहित भारद्वाज, अतुल मिश्रा, देवांश, अरविंद गंगवार समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।