बरेली। तीन तलाक कानून पर कांग्रेस और भाजपा के बीच छिड़ी जंग के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भले ही अपनी फेसबुक पोस्ट में बरेली में ससुर के साथ हलाला करने के लिए मजबूर की गई महिला की पीड़ा का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर तंज कसा लेकिन पुलिस इस महिला के साथ आम फरियादियों जैसा ही सलूक कर रही है। पहले तो यह महिला अपने भाई को अगवा कर यातनाएं देने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कई दिन भटकती रही। जेटली की फेसबुक पोस्ट के बाद शनिवार रात उसकी रिपोर्ट तो दर्ज कर ली गई, लेकिन रविवार को उसने आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी की अध्यक्ष निदा खान के साथ थाना किला जाकर अभियुक्तों की गिरफ्तारी की फरियाद की तो पुलिस ने उससे ही सबूत लेकर आने को कह दिया। निदा खान ने इसके बाद पुलिस पर अभियुक्तों को अदालत से स्टे लाने का मौका देने का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
पीड़ित महिला को 2011 में पहली बार उसके शौहर ने तीन तलाक दिया था। उसने रहम की फरियाद की तो उसने उसके सामने अपने पिता के साथ हलाला करने की शर्त रख दी। पीड़ित के मुताबिक उसने इंकार किया तो उसके शौहर ने उसे नशे के इंजेक्शन देकर जबरन उसका निकाह अपने पिता के साथ करा दिया। उसके ससुर ने कई दिन तक उसके साथ बलात्कार करने के बाद उसे तलाक दिया तो शौहर ने उससे फिर निकाह कर लिया लेकिन कुछ साल बाद फिर उसे तीन तलाक दे दिया और इस बार उसके सामने अपने भाई के साथ हलाला करने की शर्त रखी। पीड़िता शौहर की यह शर्त ठुकराकर अपने मायके चली आई। कुछ समय पहले उसने अपने ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
करीब पंद्रह दिन पहले पीड़िता का भाई लापता हो गया जो दो दिन पहले मिला। पीड़िता का कहना है कि उसका शौहर और देवर उसके भाई को ससुर से हलाला के मामले में दर्ज कराई गई रिपोर्ट वापस कराने के लिए धमकी देते थे, एक बार उसे बाइक से टक्कर तक मार दी थी। भाई की गुमशुदगी के दौरान कई दिनों तक वह शौहर और देवरों पर शक जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने को भटकती रही लेकिन पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। शनिवार को अरुण जेटली की फेसबुक पोस्ट के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता समझते हुए पीड़िता से तहरीर लेकर उसके शौहर और देवरों समेत चार के खिलाफ भाई को अगवा करके मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन रविवार को वह अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए निदा के साथ किला थाने पहुंची तो उसे फिर टहला दिया।
निदा के अनुसार जब उन्होंने थाने से एसएसआई से बात की तो वह उन्हीं से कहने लगे कि अगर उनके पास अपने भाई के अपहरण का कोई सबूत है तो पुलिस को लाकर दें तभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी होगी। निदा ने आरोप लगाया कि पुलिस पीड़िता के पूर्व पति समेत उसके तीनों भाइयों पर अपहरण और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी न करके हाईकोर्ट से स्टे लाने का मौका दे रही है। अगर पुलिस ने चारो आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो वह इस संबंध में पुलिस उच्चाधिकारियों से मिलेंगी।
ट्रांसफर का दौर चल रहा है। थाने के इंस्पेक्टर और अतिरिक्त इंस्पेक्टर ट्रांसफर में चले गए हैं। कई पुलिस चौकी प्रभारी और अन्य स्टाफ भी ट्रांसफर से प्रभावित है। स्टाफ कम होने की वजह से काम प्रभावित है। सीमित साधनों से मामले में दबिश दी जा रही है। आरोपियों को जल्दी पकड़ लिया जाएगा। निदा ने भी पीड़िता की पैरवी में फोन किया था। हमने बताया कि पुलिस पूरी तरह पीड़ित के साथ है। - रजनीश कुमार, कार्यवाहक थाना प्रभारी, किला