फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खतौनी कांड- फरीदपुर खतौनी कांड के अभियुक्तों को नहीं मिली राहत

विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदपुर। कलक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम में खतौनियां खुरचवाकर सैकड़ों बीघा जमीन पर कब्जा करने की साजिश करने वाले अभियुक्तों को गैंगेस्टर कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई। है। दोनों अभियुक्तों ने अपने बुढ़ापे का हवाला देते हुए कोर्ट में जमानत की दरख्वास्त दी लेकिन न्यायालय ने उसे खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियुक्तों के पास जमानत पाने के लिए कोई पर्याप्त आधार नहीं है।
विज्ञापन

फरीदपुर और बरेली के रिकार्ड रूम में खतौनियों को खुरचकर फतेहगंज पूर्वी की सैकड़ों बीघा जमीन को घोटालेबाजों ने अपने नाम करा लिया था। करीब पांच साल पहले यह मामला खुला तो फरीदपुर और बरेली कोतवाली में इस मामले के अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इसमें जाहिद बेग और वाहिद बेग सहित कई लोगों को नामजद किया गया था। फतेहगंज पूर्वी का अब तक का यह सबसे बड़ा भूमि घोटाला माना गया था। इसके बाद फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने वाहिद तथा जाहिद समेत सात लोगों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई कर दी थी।
हाल ही में अभियुक्त जाहिर और वाहिद ने एडीजे पंचम विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। तर्क यह दिया गया कि वाहिद बेग 77 और जाहिद बेग 85 साल के चुके हैं और राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी ओर से कोई बैनामा भी नहीं किया गया है और न ही वह अपराध में शामिल रहे हैं। उन्होंने किसी को डराया या धमकाया भी नहीं है। इसलिए उनको जमानत पर रिहा किया जाए। सरकार की तरफ से तर्क दिया गया कि डीएम की ओर से गैंग चार्ट अनुमोदित कराया गया है। जमानत का कोई पर्याप्त आधार नहीं है। इसलिए जमानत प्रार्थना पत्र खारिज किया जाए। एडीजे पंचम विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर ने दोनों अभियुक्त वाहिद और जाहिर बेग का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें