बरेली। गन्ना किसानों को बकाया भुगतान न होने का मुद्दा सुर्खियों में आने के बाद विभागीय अफसरों में करंट दौड़ गया। चुनावी माहौल में गन्ने के बकाया के भुगतान में चीनी मिलों की मनमानी को सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा दिया गया। नतीजा यह हुआ कि गन्ना विभाग ने आनन-फानन में चीनी मिलों पर दबाव बनाकर बरेली के किसानों का 49.17 करोड़ रुपये का भुगतान उनके बैंक खातों में भिजवा दिया। बकाया बची धनराशि को भी मिल मालिकों से चीनी बेचकर अदा करने को कहा गया है।
चुनावी माहौल में गन्ना किसानों का दर्द बया करते हुए अमर उजाला ने 30 मार्च को यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद किसान नेताओं ने भी चीनी मिलों के किसानों का हजारों करोड़ का बकाया भुगतान करने के दावों पर सवाल खड़े किए। साथ ही ईमेल, ट्विटर और अन्य सोशल माध्यमों के जरिए यह मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा दिया। इसके बाद प्रशासनिक अफसर हरकत में आ गए। सूत्रों के मुताबिक रुहेलखंड मंडल के किसानों का चीनी मिलों से हजारों करोड़ रुपये बकाया भुगतान कराने में लापरवाही बरतने पर गन्ना विभाग के अफसरों की क्लास भी लगी। उसके बाद गन्ना विभाग के अफसरों ने चीनी मिल संचालकों पर किसानों के बैंक खातों में तुरंत रुपये भेजने का दबाव बनाया। इसमें बरेली की पांच चीनी मिलों ने शनिवार को 49.17 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में भेज दिए। लेकिन अब भी किसानों का हजारों करोड़ रुपये बकाया है।
किसानों को नहीं मिल रहीं पर्चियां
चीनी मिलों से किसानों को पर्चियां नहीं मिल रही हैं, जबकि राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं के दबाव में दलाल गन्ने की पर्चियों पर धड़ाधड़ गन्ना सप्लाई कर रहे हैं। धूप में खेतों में किसानों का गन्ना सूख रहा है। श्रमिकों ने किसानों से गन्ने की छिलाई के रेट बढ़ाकर दोगुने कर दिए हैं। धूप में गन्ना छीलने के लिए श्रमिक तैयार नहीं हो रहे हैं। अगर श्रमिक मिल भी जाते हैं तो अब वह 35 रुपये के बजाय 65 से 70 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना छिलाई के मांग रहे हैं। किसान दोनों ओर से मारा जा रहा है। एक तो मिल से उसका भुगतान नहीं मिल रहा, वहीं दूसरी ओर गन्ने की लागत भी बढ़ रही है।
गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की कोशिश की जा रही है। नवाबगंज सहित कई जगहों पर पेमेंट कराया भी गया है। जो बकाया है, उसका भुगतान कराने के लिए भी खास प्रयास किए जाएंगे। - वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम
गन्ना किसानों का कितना बकाया है, इसकी जानकारी ली जाएगी। मुझे जानकारी है कि बिसौली मिल में ही बकाया है। किसानों को पेमेंट दिलाने का पूरा प्रयास होगा। -रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
किस चीनी मिल से कितना भुगतान
चीनी मिल खाते में भेजी गई धनराशि
द्वारिकेश चीनी मिल
फरीदपुर 21.11 करोड़
किसान सहकारी चीनी
मिल मीरगंज 9.97 करोड़
चीनी मिल सेमीखेड़ा 9.28 करोड़
चीनी मिल बहेड़ी 7.81 करोड़
किसान सहकारी चीनी मिल
नवाबगंज 1.00 करोड़
कुल एक दिन में भिजवाए 49.17 करोड़