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फर्नीचर खरीद में गड़बड़ी

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टुल्ला- सात दिन पहले खपाए 2.18 करोड़ रुपये और
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हेडिंग- सीडीओ अड़े- टीम खुद खरीदे फर्नीचर, बीएसए ने जारी कर दी रकम

140 विद्यालयों को रकम जारी, सीडीओ बोले- खरीदारी तो टीम ही करेगी

अमर उजाला ब्यूरो

बरेली। परिषदीय जूनियर हाईस्कूलों में 2.18 करोड़ रुपये से फर्नीचर की खरीद में गड़बड़ी रोकने के लिए सीडीओ ने जिला स्तर पर टेंडर कराने का आदेश दिया था, लेकिन बीएसए ने इसे दरकिनार करते हुए सीधे स्कूलों को रकम भेज दी। हालांकि सीडीओ अब भी इस बात पर अड़े हैं कि जिला स्तरीय टीम ही ही फर्नीचर की खरीद करेगी। दोनों अधिकारियों के बीच तालमेल न होने से फर्नीचर खरीद में घपला होने की आशंका और बढ़ गई है।
परिषदीय स्कूलों के तीन लाख बच्चों के स्वेटर खरीद में घपला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी कठघरे में हैं। इस बीच, शासन ने 140 जूनियर हाईस्कूलों में बच्चों के लिए फर्नीचर खरीदने के लिए शासन ने 2.18 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया। बीएसए चाहती हैं कि इस रकम को विद्यालय प्रबंध समितियों के खातों में भेजकर उन्हीं से फर्नीचर की खरीद कराई जाए लेकिन सीडीओ स्वेटर खरीद में हुए घपले को देखते हुए जिला स्तर पर समिति बनाकर उसके माध्यम से खरीद कराना चाहते हैं। लिहाजा उन्होंने गुरुवार को बीएसए चंदना राम इकबाल यादव के गुरुवार को रकम विद्यालय प्रबंध समितियों के खातों में भेजने की अनुमति देने के अनुरोध को ठुकरा दिया। साथ ही उन्हें आदेश दिया कि फर्नीचर की खरीद स्कूलों की प्रबंध समितियों के बजाय जिला स्तर पर टीम बनाकर अधिकारी अपनी देखरेख में कराएं, लेकिन बीएसए ने सीडीओ के इस आदेश को नजरअंदाज कर दिया और शुक्रवार को 2.18 करोड़ की पूरी रकम सभी 140 विद्यालय प्रबंध समितियों को जारी कर दी। हालांकि सीडीओ अब भी यही कह रहे हैं कि फर्नीचर खरीद की रकम भले ही स्कूलों को दे दी गई हो लेकिन खरीद जिला स्तर पर ही होगी।
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विद्यालयों ने खरीद को तो महंगा भी पड़ेगा फर्नीचर
फर्नीचर खरीद के लिए चयनित प्रत्येक स्कूल में 1.56 लाख रुपये से 35 बेंच और टेबल ली जानी हैं। प्रत्येक विद्यालय ने अगर अलग-अलग फर्नीचर खरीदा तो लागत ज्यादा आएगी और क्वालिटी भी अच्छी नहीं होगी, लेकिन सभी एक सौ चालीस स्कूलों के लिए एक साथ किसी बड़ी फर्म से फर्नीचर खरीदा जाए तो वह न केवल सस्ता पड़ेगा, बल्कि क्वालिटी भी बेहतर होगी।
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वर्जन
फर्नीचर खरीद की रकम भले ही स्कूलों को दे दी गई हो लेकिन फर्नीचर की खरीद जिला स्तरीय टीम ही कराएगी। इसमें समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। - सत्येंद्र कुमार, सीडीओ
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