ऑटो लिफ्टर गिरोह का पीछा करते हुए क्राइम ब्रांच वन विभाग के एक दरोगा के बेटे रिंकू तक पहुंची। बाइक पर पुलिस लिखकर चलने वाला रिंकू सिर्फ शौक के लिए बाइक चोरी करता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रिंकू का बड़ा भाई पुलिस महकमा में तैनात है। रिंकू के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर 17 बाइक बरामद कीं, लेकिन रिंकू को गिरफ्तार करने के बजाय उसे रिकार्ड में वांछित दिखा दिया। बाद में पुलिस ने इन बाइकों को रिंकू के साथियों से बरामद दिखा दिया।
पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान जब गिरफ्तार बदमाशों से रिंकू के बारे में पूछा गया तो उन्होंने खुलकर इसे पुलिस का खेल बताया। कहा, पुलिस ने उनसे तो सिर्फ तीन बाइक ही बरामद की थीं। बाकी 17 बाइक रिंकू ने बरामद हुईं। नवाबगंज और हाफिजगंज में दबिश के दौरान रिंकू पुलिस के साथ भी रहा। बाद में उसे छोड़ दिया गया और उसका नाम रिकार्ड में वांछित के तौर पर दर्ज कर लिया। रविवार को पुलिस लाइन में एसएसपी जोेगेंद्र कुमार ने प्रेसवार्ता करके बताया कि क्राइम ब्रांच ने हाफि जगंज के गांव गरेम के रहने वाले बीए के छात्र मनोज कुमार, औरंगाबाद गांव के आकाश पटेल, गंगापुर में मोर बिल्डिंग के पास रहने वाले हिस्ट्रीशीटर हर्ष उर्फ घोंचू को गिरफ्तार किया है। आकाश पटेल के पिता होमगार्ड हैं। रिंकू और रंजीत फरार हैं। इनका एक साथी नवाबगंज का मिस्त्री तस्लीम लखनऊ में भर्ती है।
छह-सात हजार में बेचते थे बाइक
बदमाशों ने बताया कि उन्हें बाइक का लॉक ढीला लगता तो उस बाइक के लॉक को मास्टर चाबी से खोल लेते थे। बाद में बाइक को छह से सात हजार रुपये में बेच देते थे। कई बाइकों को नवाबगंज के एक गैराज में कटवाकर उनके पार्टस बेच दिए। मनोज नवाबगंज के लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज से बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता शिक्षक है। आकाश के पिता होमगार्ड है। वह ग्यारहवीं का छात्र है, जबकि हर्ष बारादरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। वह एक साल पहले ही जेल से छूटकर आया था।