स्पेशल ट्रेन से अपने घर को रवाना होते श्रमिक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
दो घंटे पहले बुलाए गए जाने वाले श्रमिक, बदायूं और पीलीभीत के श्रमिक समय पर नहीं पहुंचे
बरेली। मुरादाबाद से पश्चिम बंगाल के वर्धमान जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन से जंक्शन से 450 में से केवल 197 श्रमिक और उनके परिवार ही रवाना हुए। इनमें बदायूं और पीलीभीत के श्रमिक समय से नहीं पहुंच सके, जिसके कारण उनकी वापसी संभव नहीं हो सकी। यहां बताते दें कि मुरादाबाद से ट्रेन में सात सौ यात्री आए थे।
अब तक जंक्शन पर पालमपुर, जयपुर, चंडीगढ़, लुधियाना आदि शहरों से श्रमिक आ रहे थे। पहली बार जंक्शन से श्रमिक और उनके परिवार रवाना किए गए हैं। पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले को जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन से जंक्शन से 450 श्रमिक रवाना होने थे। इनमें बदायूं, बरेली और पीलीभीत के श्रमिक भी शामिल थे। ट्रेन मुरादाबाद से दोपहर ढाई बजे जंक्शन पहुंची। इससे पहले सभी श्रमिकों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्लेटफार्म पर कतार में बैठा दिया गया। प्रशासन ने खाने के पैकेट और पानी की बोतलें मुहैया कराईं।
आरएसएस के रामेश्वर कौशिक और उनकी टीम ने मुरादाबाद से आने वाले यात्रियों को खाना और पानी बांटा। ट्रेन का ठहराव करीब 15 मिनट का था, लेकिन ट्रेन आधा घंटे बाद रवाना हुई। जंक्शन पर एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह, स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह, सीएमआई संजीव दुबे, आरपीएफ इंस्पेक्टर विपिन सिसौदिया, जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण औतार, सीएचआई राजीव श्रीवास्तव, सीआईटी विनोद सोनकर, ओपी भारद्वाज आदि ने व्यवस्था संभाली।