बरेली। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुष्यंत गौतम के सामने ही केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और बिथरी चैनपुर के विधायक राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल में सीधी-सीधी रार छिड़ गई। लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए मंडलीय बैठक में जिस वक्त संतोष गंगवार बरेली सीट के जातिगत आंकड़े डिप्टी सीएम के सामने पेश कर रहे थे, उसी बीच पप्पू भरतौल ने उन्हें टोक दिया। उन्होंने गंगवारों के मुकाबले ब्राह्मण और वैश्य वोटरों की संख्या कम बताने पर आपत्ति की तो नोकझोंक शुरू हो गई। बात यहां तक बढ़ी कि संतोष गंगवार को कहना पड़ा कि बैठक से पप्पू भरतौल को उठाया जाए या फिर वह चले जाएं। आखिरकार डिप्टी सीएम को खुद हस्तक्षेप कर पप्पू भरतौल को शांत करना पड़ा।
रविवार को तय समय 11.15 बजे से करीब एक घंटे लेट सर्किट हाउस पहुंचे डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने यहां पहले प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक की। फिर मंडल में लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए विधायक, सांसद और पार्टी पदाधिकारियों की बैठक ली। बरेली सीट पर चर्चा शुरू हुई तो सांसद व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने डिप्टी सीएम के सामने गंगवार मतदाताओं की संख्या पौने चार लाख बताई। ब्राह्मण और वैश्यों के वोट करीब सवा लाख बताए। यह सुनते ही भाजपा विधायक राजेश मिश्र उर्फ पप्पू भरतौल ने खड़े होकर आपत्ति जतानी शुरू कर दी। डिप्टी सीएम ने जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर से इन आंकड़ों के बारे में पूछा तो वह भी केंद्रीय मंत्री को सपोर्ट करने लगे। इस पर पप्पू भरतौल बिफर गए। बोले, ये जातिगत आंकड़े आप लोग कहां से ले आए। उन्होंने कहा कि बरेली लोकसभा क्षेत्र में ब्राह्मण वोट 1.50 लाख से ज्यादा हैं और वैश्य तो दो लाख से भी ज्यादा हैं। गंगवार वोट उतने नहीं हैं, जितने मंत्री जी बता रहे हैं। इनमें अच्छी-खासी संख्या कनौजिया वोटों की भी है।
पप्पू भरतौल यही नहीं रुके। बोले, सपा से भगवतसरन गंगवार टिकट मांग रहे हैं। ऐसे में गंगवार वोट बंटेगा तो भाजपा के समीकरण बिगड़ेंगे। इस पर संतोष गंगवार ने तर्क दिया कि सपा से भगवत सरन को नहीं पूर्व विधायक अताउर्रहमान को टिकट मिल रहा है। पप्पू भरतौल ने जवाब दिया कि उनकी अताउर्रहमान से बात हो चुकी है। वह रामपुर से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। बरेली में उनकी दिलचस्पी नहीं है। भरतौल के लगातार जवाब देने से केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार को भी आखिर गुस्सा आ गया। डिप्टी सीएम से बोले- विधायक को बरेली लोकसभा क्षेत्र की बैठक में आने की क्या जरूरत थी। उनका तो विधानसभा क्षेत्र भी आंवला लोकसभा क्षेत्र में है। पप्पू भरतौल ने इसका भी जवाब दिया। बोले- उनका घर बरेली में है, वह क्यों नहीं आ सकते। आखिरकार मंत्री ने कहा कि या तो विधायक यहां से उठ जाएं या फिर वह खुद उठ जाते हैं। इसके बाद डिप्टी सीएम ने दोनों को समझाकर शांत कराया।
कृष्णा राज बोलीं- परिवारवाद बढ़ा रहे हैं एक पदाधिकारी
शाहजहांपुर की सांसद केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज ने डिप्टी सीएम के सामने भाजपा संगठन के एक पदाधिकारी पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बृज क्षेत्र के इस पदाधिकारी ने शाहजहांपुर में संगठन के विभिन्न पदों पर अपने परिवार के लोगों और रिश्तेदारों को बैठा दिया है। बैठक में बदायूं, आंवला और पीलीभीत से कई विधायक बैठक में नहीं आए। शाहजहांपुर से तो कोई विधायक नहीं आया। आंवला से सांसद धर्मेंद्र कश्यप मौजूद थे, लेकिन पीलीभीत लोकसभा में क्षेत्रीय सांसद मेनका गांधी भी नहीं थीं।
सह चुनाव प्रभारी ने दिए टिप्स
लोकसभा चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में आए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और यूपी में चुनाव के सह प्रभारी दुष्यंत गौतम ने पदाधिकारियों को बूथ के संबंध में टिप्स दिए। प्रदेश भाजपा महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला, बृज क्षेत्र अध्यक्ष रजनीकांत महेश्वरी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री भवानी सिंह, महामंत्री दुर्विजय सिंह शाक्य, मंत्री उमेश कठेरिया, जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया, विधायक अरुण कुमार, डीसी वर्मा, बहोरनलाल मौर्य, छत्रपाल गंगवार, पूर्व मेयर सुभाष पटेल, संजीव अग्रवाल आदि ने दोनों लोकसभा चुनाव तैयारियों पर चर्चा की।