बरेली। बिहारीपुर खत्रियान स्थित श्री रघुनाथ मंदिर पर ब्राह्मण समाज के दो गुटों के आमने-सामने आने और रविवार को हंगामा की घटना को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों ही पक्षों के लोगों को तलब कर उसने बातचीत की। उन्होंने इसकी कड़ी हिदायत दी कि दोनों ही पक्ष आपसी सुलह के आधार पर मामला निस्तारित कर लें, नहीं तो विवाद बढ़ने पर मंदिर को बंद कराकर वहां प्रशासन की तरफ से रिसीवर बैठा दिया जाएगा।
रघुनाथ मंदिर का प्रबंधन जिला ब्राह्मण सभा रजिस्टर्ड बरेली संभालती है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रहे स्व. राजीव शर्मा ने भूमि देकर मंदिर की स्थापना कराई थी। उनकी बेटी डॉ. नीतू के संरक्षण में समिति काम करती है। ब्राह्मण समाज की ही एक समिति अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा भी है। रविवार को इसी संस्था ने मंदिर में आचार्य संजीव गौड़ की कथा, प्रदोष पूजन व खिचड़ी भोज रखा था। मंदिर का शटर सुबह से बंद था तो साइड का गेट करीब नौ बजे बंद कर दिया गया। कई श्रद्धालु लौट गए। करीब 11 बजे आयोजक खिचड़ी भोज को पहुंचे तो ताला देखकर हंगामा कर दिया। दूसरा पक्ष अंदर मीटिंग कर रहा था। धार्मिल स्थल से जुड़े इस विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला ने सोमवार को दोनों ही पक्षों के लोगों को अपने दफ्तर में तलब किया था। इसमें जिला ब्राह्मण सभा की तरफ से डॉ. नीतू शर्मा, अनुज कुमार शर्मा, विजय कुमार शर्मा आदि तो दूसरे पक्ष से सुरेंद्र पांडेय, डॉ. संजीव गौड़, कौशल सारस्वत, मनोज शर्मा आदि लोग मौजूद हुए। दोनों ही पक्षों ने इस मामले में अपनी सफाई दी। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला ने बताया कि दोनों ही पक्षों की बातचीत सुनी है। साफ तौर से कह दिया गया है कि यह मामला आपसी सुलह से सुलझा लें, नहीं तो वह प्रशासन की तरफ से रिसीवर की नियुक्ति कर देंगे।