अतिक्रमण मुक्त अभियान के दौरान अफसर
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कोतवाली से कुतुबखाना और कोहाड़ापीर तक अवैध कब्जों की निशानदेही का आदेश मेयर उमेश गौतम ने दे दिए हैं। जल्द ही, अवैध कब्जों (अतिक्रमण) के दायरे में आने वाली दुकानों पर निशानदेही के बाद व्यापारियों को अवैध कब्जा हटाने का मौका दिया जाएगा।
दूसरी ओर, निशानदेही के बाद अतिक्रमण हटाने के सवाल पर व्यापारी ‘खामोश’ रहे और इसे मेयर की हठधर्मिता करार देते हुए गोल मोल जवाब देते रहे। संबंधित मामले पर बुधवार की शाम व्यापारियों ने कार्यालय पर बैठक की। व्यापारी नदीम शम्सी ने कहा कि मेयर हठधर्मिता कर रहे हैं।
जब पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी से ही जाम खत्म हो सकता है तो फ्लाईओवर की जरूरत ही क्या है? निशानदेही के बाद व्यापारियों की मीटिंग में सहमति से हुआ फैसला मंजूर होगा। व्यापारी प्रिंस का कहना है कि वहां कोई अवैध कब्जा है ही नहीं। जबरन दुकानों को हटाने की कोशिश हो रही है। अमित सरपाल ने निशानदेही के बाद जिन व्यापारियों की दुकान दायरे में आएगी उनसे अपना कब्जा हटाने लेने का सुझाव देने की बात कही।
जबरन जेसीबी चलाने का पुरजोर विरोध करने की भी बात कही। इसके अलावा मौजूद अन्य व्यापारी मेयर व्यापारियों ने निशानदेही के बाद मेयर के साथ बैठक कर बीच का रास्ता निकालने पर जोर दिया है।
महिलाएं भी उतरीं मैदान में
फ्लाईओवर निर्माण के विरोध में महिलाएं भी मैदान में उतर आईं हैं। उन्होंने मेयर पर बेसिक सुविधाएं देने के बजाय जबरिया फ्लाईओवर बनाने का आरोप लगाया है। सिमरन कौर, गौहर जहां, मानसी श्रीवास्तव, सविता सेठी का कहना है कि फ्लाईओवर बनने के दौरान महिलाओं को खरीदारी में असुविधा होगी। उन्होंने मेयर से जाम की समस्या को खत्म करने के लिए अन्य विकल्प तलाशने की मांग की है।