बरेली। नगर निगम की टीम ने बुधवार को ईंट पजाया चौराहे से स्टेडियम तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। हालांकि अवैध कब्जे हटाने के लिए नगर निगम की टीम ने पहले से ही लाल निशान लगाकर चिह्नीकरण कर दिया था। इसके चलते निगम टीम जब बुलडोजर लेकर पहुंची तो उन्हें ज्यादा कुछ नहीं मिला। सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार की अगुवाई में निगम का बुलडोजर आगे बढ़ता गया और लोग सामान हटाते गए। छोटे-छोटे कब्जे हटाकर सिटी मजिस्ट्रेट व्यापारियों को दोबारा कब्जा करने पर कड़ी चेतावनी देकर लौट आए।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे निगम टीम अतिक्रमण हटाओ अभियान प्रभारी ललतेश सक्सेना की अगुवाई में दो बुलडोजर लेकर ईंट पजाया चौराहा पहुंची। मगर यहां पर दुकानदार और आरा मशीन वालों ने अपना सामान पहले ही हटा लिया था। नाले पर बनी लोहे की सीढ़ियां भी लोगों ने उखाड़कर रख लीं थीं। सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे तो बारादरी थाने से इंस्पेक्टर गीतेश कपिल भी फोर्स लेकर पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने ईंट पजाया पर दुकानदारों को दोबारा अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी। चौराहे के बाद निर्माणाधीन भवन के बाहर बनी झोपड़ी, बियर शॉप के बाहर बोर्ड जैसे छोटे-छोटे कब्जे तोड़े गए। संजयनगर तिराहे पर रेता-बजरी के ढेर भी पहले ही समेट लिए गए थे।
लोगों ने दिखाई बंद पुलिया
ईंट पजाया पर सिटी मजिस्ट्रेट ने नाले में मलबा देख नाराजगी जताई तो लोगों ने उन्हें बंद पुलिया दिखाई। बताया, नाला तो बना है लेकिन पुलिया बंद होने से पानी की निकासी नहीं हो रही।
कब्जों पर भिड़े व्यापारी, वसूला जुर्माना
अभियान के दौरान मै. जानकी मार्बल्स एंड सप्लायर्स की टाइल्स सड़क किनारे रखी मिलीं। टीम ने जब टाइल्स को जब्त करना शुरू किया तो दुकान मालिक खुद को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल में जिला महामंत्री बताने लगे। मगर निगम टीम ने पांच हजार रुपये जुर्माना वसूलकर ही छोड़ा। इससे आगे खालसा ट्रेडर्स की दुकान के बाहर सरिया रखी थी। टीम ने सरिया जब्त करने की बात कही तो व्यापारी पहुंच गया और छोड़ने का अनुरोध करने लगा। इस पर टीम ने बीस हजार जुर्माना देने की बात कही तो व्यापारी के बेटे ने निगम के एक पदाधिकारी को फोन कर दिया। इसके बाद भी उनसे पांच हजार रुपये जुर्माना वसूल किया गया। इस दौरान हल्का-फुल्का हंगामा भी हुआ।
डेलापीर पर फिर कब्जा, नोटिस देने के निर्देश
सिटी मजिस्ट्रेट डेलापीर पहुंचे तो वहां फुटपाथ पर फिर से ठेले लगे मिले। इस पर डंडा लेकर उन्होंने स्वयं तमाम ठेले हटवाए। इसके बाद इंस्पेक्टर इज्जतनगर को फोन करके फुटपाथ पर ठेले लगाने वालों का चालान करने के निर्देश दिए। बता दें कि सिटी मजिस्ट्रेट ने सप्ताह भर पहले ही यहां 28 व्यापारियों को नोटिस दिलवाया था। इसके बाद सख्त चेतावनी के बाद मंगलवार को ही इन्हें छोड़ा था। मगर अगले ही दिन बुधवार को इन्होंने फिर कब्जे जमा लिए।
रोडवेज पर अतिक्रमण, कोतवाली इंस्पेक्टर को नोटिस
बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने कोतवाली इंस्पेक्टर को भी नोटिस दिया है। उन्होंने कहा है कि रोडवेज से बरेली कॉलेज तक अतिक्रमण है। इसकी वजह से वहां जाम लगता है और कई बार रोडवेज ड्राइवर भी बसों को बीच सड़क पर खड़ा करके सवारियां भरने लगते हैं। उन्होंने कोतवाली इंस्पेक्टर को यहां की समस्या खत्म कराने के लिए निर्देशित किया।
मेयर ने लिखा पत्र, प्रभावी नहीं अतिक्रमण हटाओ अभियान, पैसा लेकर छोड़ रही टीम
निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान पर मेयर उमेश गौतम ने भी सवाल उठा दिया है। उन्होंने कहा है कि पिछले पूरे प्रदेश में अभियान चला था और निष्पक्षता के चलते यहां का अभियान हर जगह सराहा गया। उन्होंने कहा है कि अभियान को एक समान तरीके से चलाया जाए। इसमें न कोई भेदभाव हो और न ही किसी का कब्जा छोड़ा जाए। मेयर का कहना है कि उनके पास लगातार शिकायतें आ रही हैं कि अभियान प्रभावी रूप से नहीं चल रहा है। टीम पैसे लेकर अतिक्रमण छोड़ रही है और किसी दुकानदार का सामान जब्त नहीं कर रही है। इससे टीम की मिलीभगत स्पष्ट हो रही है। उन्होंने इसे निष्पक्ष रूप से चलाने और किसी कर्मचारी की शिकायत आने पर गंभीरता से कार्रवाई करने की बात कही है। साथ ही अभियान के रूट चार्ट की एक प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराने को कहा है।