‘जिसने अपनी शक्ति को पहचाना वही बनी अपराजिता’
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अमर उजाला अपराजिता अभियान में रेलवे इज्जतनगर मंडल की सीनियर डीसीएम नीतू ने छात्राओं को ‘अपराजिता’ बनने के दिए टिप्स
बरेली। अमर उजाला के अपराजिता ‘100 मिलियन स्माइल’ मुहिम के तहत शनिवार को पीलीभीत रोड स्थित बीबीएल पब्लिक स्कूल में इज्जतनगर मंडल की सीनियर डीसीएम नीतू ने बेटियों को उनमें निहित शक्ति पहचानने को प्रेरित किया। कहा, बेटियां प्रकृति की अनमोल तोहफा हैं। वे परिवार की धुरी होती हैं और प्रकृति के सृजन की क्षमता उनमें निहित है। अपनी शक्ति को न पहचानकर वे अबला का जीवन जी रही हैं। बेटियों को इस शक्ति को पहचानकर ‘अपराजिता’ बनने को कहा।
उन्होंने अपनी बात अपराजिता शब्द के अर्थ से ही शुरू की। बोलीं, बेटियां अपराजिता बनें ताकि उनको कोई हरा न सके। खुद को अभी से मजबूत बनाएं ताकि समाज में अपना अलग वजूद बना सकें। कहा-‘तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश है, तू चल तेरे वजूद की समय को भी तलाश है’। आगे बढ़ने के क्रम में आने वाली मुश्किलों पर कहा- ‘वह पथ क्या पथिक कुशलता क्या जिस पथ पर बिखरे शूल न हों’। समझाया कि जब तक संघर्ष न हो सफलता का मजा अधूरा ही होता है। उन्होंने इंदिरा गांधी, गार्गी, मदर टेरेसा समेत वर्तमान में राजनीति में अहम भूमिका निभा रहीं महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बेटियां ही देश का भविष्य हैं। उनको जिस क्षेत्र में कॅरियर बनाना हो उसके लिए अभी से जुट जाएं ताकि वे अपना एक अलग मुकाम बना सकें। उन्होंने सही समय पर सही निर्णय लेने की बात कही।
ताकि स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त बनें बेटियां
बताया कि रेलवे में सफर के दौरान अगर महिलाओं को कोई समस्या होती है तो वे 182 हेल्पलाइन नंबर डायल कर आरपीएफ की मदद ले सकती हैं। इसके अलावा पुलिस की मदद के लिए 100 नंबर डायल करने और 1090 पर कॉल करने पर पहचान गुप्त रखे जाने की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने स्वच्छता और सशक्ति बनने की जानकारी दी। इस दौरान कक्षा 12वीं की छात्रा अनुष्का, कक्षा सात की अक्षिता और कक्षा 8 की कृतिका ने सवाल पूछे, जिनके जवाब पाकर वे खुश हुईं। इस दौरान प्रिंसिपल डॉ. अल्पना जोशी समेत स्कूल स्टाफ मौजूद रहा।