बरेली। विश्वविद्यालय में बन रहे एथलेटिक्स सिंथेटिक ट्रैक पर पहले से ही खींचतान चल रही थी अब ट्रैक के लिए हो रहे खनन पर बखेड़ा शुरू हो गया है। कर्मचारी यूनियन ने बुधवार को जमकर हंगामा किया। वित्त अधिकारी का घेराव कर क्रीड़ा सचिव को पद से हटाने की मांग की। कहा कि अगर 36 घंटे के भीतर उनको नहीं हटाया गया तो कर्मचारी आंदोलन करेंगे। कर्मचारियों को बड़ी मुश्किल से शांत कराया गया।
दरअसल, विश्वविद्यालय में बन रहे सिंथेटिक ट्रैक के लिए कुलपति आवास के पास खाली पड़े मैदान से मिट्टी खुदवाई गई। दो दिन पहले कर्मचारियों ने इसी बात पर जमकर हंगामा किया था और खनन रुकवा दिया गया था। बुधवार को कर्मचारी यूनियन के सचिव मनोज पांडेय और अन्य नेताओं ने आमसभा की। आरोप लगाए कि बिना अनुमति खनन हो रहा है। टेंडर में खनन की बात नहीं है। कर्मचारियों ने वित्त अधिकारी सुरेश उपाध्याय का घेराव किया और टेंडर के दस्तावेज देखे। टेंडर में खनन की बात नहीं थी। वित्त अधिकारी ने कहा कि मामला कुलपति के सामने रखा जाएगा। काफी देर बहस होने के बाद कर्मचारी शांत हुए। इस दौरान कामकाज भी ठप रहा। सचिव मनोेज पांडेय, पूर्व मंत्री अनिल सिंह का कहना था कि विश्वविद्यालय का करोड़ों रुपया ठिकाने लगाया जा रहा है। क्रीड़ा सचिव को 36 घंटे के अंदर नहीं हटाया गया तो कर्मचारी हड़ताल करेंगे। वहीं क्रीड़ा सचिव प्रोफेसर एके जेटली का कहना है कि सारे कार्य नियमानुसार और कुलपति की मंजूरी से हुए।
आरोप लगने के बाद भड़के कर्मचारी
करीब सात करोड़ की लागत से सिंथेटिक ट्रैक बन रहा है। कर्मचारियों ने जब विरोध शुरू किया तो सचिव पर आरोप लगाए कि वह पैसों के लिए विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर कर्मचारी यूनियन में रोष है। सचिव मनोज पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर अवैध खनन की शिकायत दर्ज करा दी है। उन पर गलत आरोप लगाए गए हैं। वह पचास लाख की मानहानि का दावा ठोंकेंगे। वहीं अनिल सिंह ने कहा कि क्रीड़ा सचिव कई मामलों में फंसे हैं। वह सब राजभवन भेजे जाएंगे। जितनी जांचे लंबित पड़ी हैं फिर से शुरू हों इस बाबत राजभवन पत्र भेजे हैं।