आग के हवाले रहा बरेली-लखनऊ रेलवे रूट, रुकीं ट्रेनें
बरेली/फतेहगंज पूर्वी। बिलपुर-मीरानपुर कटरा के बीच पटरी किनारे नरई और झाड़ियों में आग लगने से चार घंटे ट्रेनों का संचालन रुका रहा। टिसुआ स्टेशन के पास ओएचएल का वायर टूटने से आग लगने पर एक घंटे के लिए फिर ट्रेनें रोक दी गईं। ब्लॉक से भी ट्रेनों का संचालन बाधित रहा।
मंगलवार दोपहर दो बजे मीरानपुर स्टेशन पर अप लाइन के पास खेत में नरई में आग लगा दी गई। आग ने लाइन के किनारे झाड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इससे बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस, जननायक और सियालदाह एक्सप्रेस को तिलहर, बंथरा, शाहजहांपुर, रोजा आदि स्टेशनों पर रोक दिया गया। आग पर काबू पाने के लिए शाहजहांपुर से फायर ब्रिगेड का बुलाना पड़ा। इधर, बिलपुर और टिसुआ स्टेशन के बीच निवड़िया रेलवे क्रासिंग पर ओएचएल का वायर टूटकर गिरने से डाउन लाइन के किनारे झाड़ियों में आग लग गई। इससे जंक्शन से लखनऊ की ओर जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस को भी एक घंटे के लिए पीतांबरपुर स्टेशन पर रोक दिया गया।
ब्लॉक के दौरान भीषण गर्मी में परेशान हुए यात्री
ट्रेनों के पांच घंटे रुकने से यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रेनें रुकने से यात्री कोचों से उतरकर प्लेटफार्म पर टहलने लगे, लेकिन इससे भी उन्हें राहत नहीं मिली। छोटे स्टेशनों पर खाने-पीने का सामान न होने से यात्रियों का समय नहीं कटा। सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे बच्चों को हुई। वे भूख से बिलखते दिखे। तिलहर स्टेशन इंजीनियरिंग विभाग ने अचानक ब्लॉक ले लिया था। इस दौरान तिलहर स्टेशन पर रुकी बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस के यात्रियों ने स्टेशनमास्टर को खूब खरी खोटी सुनाईं। इसके बाद पीतांबरपुर स्टेशन पर इंजीनियरिंग विभाग ने शाम पांच बजे ट्रैक की मरम्मत के लिए दो घंटे का ब्लॉक मांगा, लेकिन रेलवे ने जननायक, सियालदाह, राज्यरानी सुपरफास्ट, अकाल तख्त, डुप्लीकेट पंजाब मेल आदि महत्वपूर्ण ट्रेनों का समय होने के कारण ब्लॉक को अगले दिन के लिए टाल दिया।